कालभैरव जयंती
जयंतीसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:40–05:28
दिन 06:16–17:09 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:40–05:28 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:21–12:04 43 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 08:58–10:42 1 घं 43 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 07:38–08:59 1 घं 22 मि
- यमगण्ड
- 10:21–11:43 1 घं 22 मि
- गुलिक काल
- 13:04–14:26 1 घं 22 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 12:04–12:48 43 मिनट 14:15–14:58 43 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 23:16–00:57, 19 नवम्बर 1 घं 41 मि
चौघड़िया
दिन
- अमृत 06:16–07:38
- काल 07:38–08:59
- शुभ 08:59–10:21
- रोग 10:21–11:43
- उद्वेग 11:43–13:04
- चल 13:04–14:26
- लाभ 14:26–15:47
- अमृत 15:47–17:09
रात
- चल 17:09–18:47
- रोग 18:47–20:26
- काल 20:26–22:04
- लाभ 22:04–23:43
- उद्वेग 23:43–01:21, 19 नवम्बर
- शुभ 01:21, 19 नवम्बर–03:00, 19 नवम्बर
- अमृत 03:00, 19 नवम्बर–04:39, 19 नवम्बर
- चल 04:39, 19 नवम्बर–06:17, 19 नवम्बर
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- मार्गशीर्ष
- मास (अमांत)
- कार्तिक
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
- ऋतु
- शरद
- सूर्य राशि
- वृश्चिक
- चंद्र राशि
- कर्क
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
18 नवम्बर 2030 को कौन सी तिथि है?
18 नवम्बर 2030 को कृष्ण अष्टमी है, जो 02:22, 19 नवम्बर बजे तक रहती है। (वाराणसी)
18 नवम्बर 2030 को नक्षत्र कौन सा है?
आश्लेषा नक्षत्र 10:42 बजे तक रहता है। (वाराणसी)
18 नवम्बर 2030 को राहु काल कब है?
वाराणसी में राहु काल 07:38 से 08:59 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
18 नवम्बर 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
वाराणसी में सूर्योदय 06:16 बजे और सूर्यास्त 17:09 बजे है।