सूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 05:12–06:00
दिन 06:48–17:40 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 05:12–06:00 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- —
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 13:29–14:55 1 घं 25 मि
बुधवार को अभिजित मुहूर्त नहीं होता।
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 12:14–13:35 1 घं 21 मि
- यमगण्ड
- 08:09–09:31 1 घं 21 मि
- गुलिक काल
- 10:52–12:14 1 घं 21 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 11:52–12:36 43 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 17:45–19:10 1 घं 25 मि 03:47, 28 नवम्बर–05:14, 28 नवम्बर 1 घं 26 मि
चौघड़िया
दिन
- लाभ 06:48–08:09
- अमृत 08:09–09:31
- काल 09:31–10:52
- शुभ 10:52–12:14
- रोग 12:14–13:35
- उद्वेग 13:35–14:57
- चल 14:57–16:18
- लाभ 16:18–17:40
रात
- उद्वेग 17:40–19:18
- शुभ 19:18–20:57
- अमृत 20:57–22:36
- चल 22:36–00:14, 28 नवम्बर
- रोग 00:14, 28 नवम्बर–01:53, 28 नवम्बर
- काल 01:53, 28 नवम्बर–03:31, 28 नवम्बर
- लाभ 03:31, 28 नवम्बर–05:10, 28 नवम्बर
- उद्वेग 05:10, 28 नवम्बर–06:49, 28 नवम्बर
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- मार्गशीर्ष
- मास (अमांत)
- मार्गशीर्ष
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
- ऋतु
- हेमन्त
- सूर्य राशि
- वृश्चिक
- चंद्र राशि
- धनु
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
27 नवम्बर 2030 को कौन सी तिथि है?
27 नवम्बर 2030 को शुक्ल तृतीया है, जो 01:35, 28 नवम्बर बजे तक रहती है। (उज्जैन)
27 नवम्बर 2030 को नक्षत्र कौन सा है?
मूल नक्षत्र 19:10 बजे तक रहता है। (उज्जैन)
27 नवम्बर 2030 को राहु काल कब है?
उज्जैन में राहु काल 12:14 से 13:35 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
27 नवम्बर 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
उज्जैन में सूर्योदय 06:48 बजे और सूर्यास्त 17:40 बजे है।