विवाह पंचमी
त्योहारसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 05:20–06:08
दिन 06:56–17:33 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 05:20–06:08 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:53–12:36 42 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 08:53–10:21 1 घं 28 मि 03:35, 30 नवम्बर–05:05, 30 नवम्बर 1 घं 30 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 10:55–12:14 1 घं 20 मि
- यमगण्ड
- 14:54–16:13 1 घं 20 मि
- गुलिक काल
- 08:16–09:35 1 घं 20 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 09:04–09:46 42 मिनट 12:36–13:18 42 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 18:32–20:02 1 घं 30 मि
चौघड़िया
दिन
- चल 06:56–08:16
- लाभ 08:16–09:35
- अमृत 09:35–10:55
- काल 10:55–12:14
- शुभ 12:14–13:34
- रोग 13:34–14:54
- उद्वेग 14:54–16:13
- चल 16:13–17:33
रात
- रोग 17:33–19:13
- काल 19:13–20:54
- लाभ 20:54–22:34
- उद्वेग 22:34–00:15, 30 नवम्बर
- शुभ 00:15, 30 नवम्बर–01:55, 30 नवम्बर
- अमृत 01:55, 30 नवम्बर–03:36, 30 नवम्बर
- चल 03:36, 30 नवम्बर–05:17, 30 नवम्बर
- रोग 05:17, 30 नवम्बर–06:57, 30 नवम्बर
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- मार्गशीर्ष
- मास (अमांत)
- मार्गशीर्ष
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
- ऋतु
- हेमन्त
- सूर्य राशि
- वृश्चिक
- चंद्र राशि
- मकर
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
29 नवम्बर 2030 को कौन सी तिथि है?
29 नवम्बर 2030 को शुक्ल पंचमी है, जो 20:00 बजे तक रहती है। (जयपुर)
29 नवम्बर 2030 को नक्षत्र कौन सा है?
उत्तराषाढ़ा नक्षत्र 14:46 बजे तक रहता है। (जयपुर)
29 नवम्बर 2030 को राहु काल कब है?
जयपुर में राहु काल 10:55 से 12:14 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
29 नवम्बर 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
जयपुर में सूर्योदय 06:56 बजे और सूर्यास्त 17:33 बजे है।