उपच्छाया चंद्र ग्रहण
01:37–06:17- स्पर्श
- 01:37
- मध्य
- 03:57
- मोक्ष
- 06:17
- ग्रहण मान
- 0.000
- सूतक काल
- उपच्छाया ग्रहण में सूतक नहीं लगता।
सूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:54–05:42
दिन 06:30–17:53 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:54–05:42 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:49–12:35 46 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 20:47–22:35 1 घं 48 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 15:02–16:28 1 घं 25 मि
- यमगण्ड
- 09:21–10:46 1 घं 25 मि
- गुलिक काल
- 12:12–13:37 1 घं 25 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 08:47–09:32 46 मिनट 22:56–23:47 51 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 09:56–11:45 1 घं 48 मि
चौघड़िया
दिन
- रोग 06:30–07:56
- उद्वेग 07:56–09:21
- चल 09:21–10:46
- लाभ 10:46–12:12
- अमृत 12:12–13:37
- काल 13:37–15:02
- शुभ 15:02–16:28
- रोग 16:28–17:53
रात
- काल 17:53–19:28
- लाभ 19:28–21:03
- उद्वेग 21:03–22:37
- शुभ 22:37–00:12, 11 दिसम्बर
- अमृत 00:12, 11 दिसम्बर–01:47, 11 दिसम्बर
- चल 01:47, 11 दिसम्बर–03:21, 11 दिसम्बर
- रोग 03:21, 11 दिसम्बर–04:56, 11 दिसम्बर
- काल 04:56, 11 दिसम्बर–06:31, 11 दिसम्बर
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- पौष
- मास (अमांत)
- मार्गशीर्ष
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
- ऋतु
- हेमन्त
- सूर्य राशि
- वृश्चिक
- चंद्र राशि
- वृषभ
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
10 दिसम्बर 2030 को कौन सी तिथि है?
10 दिसम्बर 2030 को कृष्ण प्रतिपदा है, जो 06:52, 11 दिसम्बर बजे तक रहती है। (बेंगलुरु)
10 दिसम्बर 2030 को नक्षत्र कौन सा है?
मृगशिरा नक्षत्र 06:44, 11 दिसम्बर बजे तक रहता है। (बेंगलुरु)
10 दिसम्बर 2030 को राहु काल कब है?
बेंगलुरु में राहु काल 15:02 से 16:28 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
10 दिसम्बर 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
बेंगलुरु में सूर्योदय 06:30 बजे और सूर्यास्त 17:53 बजे है।