सूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:57–05:45
दिन 06:33–17:09 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:57–05:45 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- —
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 22:30–00:18, 12 दिसम्बर 1 घं 48 मि
बुधवार को अभिजित मुहूर्त नहीं होता।
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 11:51–13:10 1 घं 20 मि
- यमगण्ड
- 07:52–09:12 1 घं 20 मि
- गुलिक काल
- 10:31–11:51 1 घं 20 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 11:29–12:12 42 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 16:11–18:00 1 घं 48 मि
चौघड़िया
दिन
- लाभ 06:33–07:52
- अमृत 07:52–09:12
- काल 09:12–10:31
- शुभ 10:31–11:51
- रोग 11:51–13:10
- उद्वेग 13:10–14:30
- चल 14:30–15:49
- लाभ 15:49–17:09
रात
- उद्वेग 17:09–18:49
- शुभ 18:49–20:30
- अमृत 20:30–22:10
- चल 22:10–23:51
- रोग 23:51–01:32, 12 दिसम्बर
- काल 01:32, 12 दिसम्बर–03:12, 12 दिसम्बर
- लाभ 03:12, 12 दिसम्बर–04:53, 12 दिसम्बर
- उद्वेग 04:53, 12 दिसम्बर–06:33, 12 दिसम्बर
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- पौष
- मास (अमांत)
- मार्गशीर्ष
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
- ऋतु
- हेमन्त
- सूर्य राशि
- वृश्चिक
- चंद्र राशि
- मिथुन
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
11 दिसम्बर 2030 को कौन सी तिथि है?
11 दिसम्बर 2030 को कृष्ण प्रतिपदा है, जो 06:52 बजे तक रहती है। (वाराणसी)
11 दिसम्बर 2030 को नक्षत्र कौन सा है?
मृगशिरा नक्षत्र 06:44 बजे तक रहता है। (वाराणसी)
11 दिसम्बर 2030 को राहु काल कब है?
वाराणसी में राहु काल 11:51 से 13:10 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
11 दिसम्बर 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
वाराणसी में सूर्योदय 06:33 बजे और सूर्यास्त 17:09 बजे है।