धनु संक्रांति
त्योहारसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 05:32–06:20
दिन 07:08–17:59 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 05:32–06:20 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 12:12–12:55 43 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 16:28–18:10 1 घं 43 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 08:29–09:51 1 घं 21 मि
- यमगण्ड
- 11:12–12:34 1 घं 21 मि
- गुलिक काल
- 13:55–15:17 1 घं 21 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 12:55–13:39 43 मिनट 15:06–15:49 43 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 03:22, 17 दिसम्बर–05:02, 17 दिसम्बर 1 घं 40 मि
चौघड़िया
दिन
- अमृत 07:08–08:29
- काल 08:29–09:51
- शुभ 09:51–11:12
- रोग 11:12–12:34
- उद्वेग 12:34–13:55
- चल 13:55–15:17
- लाभ 15:17–16:38
- अमृत 16:38–17:59
रात
- चल 17:59–19:38
- रोग 19:38–21:17
- काल 21:17–22:55
- लाभ 22:55–00:34, 17 दिसम्बर
- उद्वेग 00:34, 17 दिसम्बर–02:13, 17 दिसम्बर
- शुभ 02:13, 17 दिसम्बर–03:51, 17 दिसम्बर
- अमृत 03:51, 17 दिसम्बर–05:30, 17 दिसम्बर
- चल 05:30, 17 दिसम्बर–07:08, 17 दिसम्बर
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- पौष
- मास (अमांत)
- मार्गशीर्ष
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
- ऋतु
- हेमन्त
- सूर्य राशि
- वृश्चिक
- चंद्र राशि
- सिंह
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
16 दिसम्बर 2030 को कौन सी तिथि है?
16 दिसम्बर 2030 को कृष्ण षष्ठी है, जो 16:57 बजे तक रहती है। (सूरत)
16 दिसम्बर 2030 को नक्षत्र कौन सा है?
मघा नक्षत्र 19:02 बजे तक रहता है। (सूरत)
16 दिसम्बर 2030 को राहु काल कब है?
सूरत में राहु काल 08:29 से 09:51 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
16 दिसम्बर 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूरत में सूर्योदय 07:08 बजे और सूर्यास्त 17:59 बजे है।