सूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 05:01–05:49
दिन 06:37–17:11 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 05:01–05:49 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- —
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 13:06–14:44 1 घं 37 मि
बुधवार को अभिजित मुहूर्त नहीं होता।
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 11:54–13:13 1 घं 19 मि
- यमगण्ड
- 07:56–09:15 1 घं 19 मि
- गुलिक काल
- 10:35–11:54 1 घं 19 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 11:33–12:15 42 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 04:41, 19 दिसम्बर–06:15, 19 दिसम्बर 1 घं 35 मि
चौघड़िया
दिन
- लाभ 06:37–07:56
- अमृत 07:56–09:15
- काल 09:15–10:35
- शुभ 10:35–11:54
- रोग 11:54–13:13
- उद्वेग 13:13–14:33
- चल 14:33–15:52
- लाभ 15:52–17:11
रात
- उद्वेग 17:11–18:52
- शुभ 18:52–20:33
- अमृत 20:33–22:14
- चल 22:14–23:54
- रोग 23:54–01:35, 19 दिसम्बर
- काल 01:35, 19 दिसम्बर–03:16, 19 दिसम्बर
- लाभ 03:16, 19 दिसम्बर–04:57, 19 दिसम्बर
- उद्वेग 04:57, 19 दिसम्बर–06:37, 19 दिसम्बर
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- पौष
- मास (अमांत)
- मार्गशीर्ष
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
- ऋतु
- हेमन्त
- सूर्य राशि
- धनु
- चंद्र राशि
- कन्या
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
18 दिसम्बर 2030 को कौन सी तिथि है?
18 दिसम्बर 2030 को कृष्ण अष्टमी है, जो 17:20 बजे तक रहती है। (वाराणसी)
18 दिसम्बर 2030 को नक्षत्र कौन सा है?
उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र 20:25 बजे तक रहता है। (वाराणसी)
18 दिसम्बर 2030 को राहु काल कब है?
वाराणसी में राहु काल 11:54 से 13:13 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
18 दिसम्बर 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
वाराणसी में सूर्योदय 06:37 बजे और सूर्यास्त 17:11 बजे है।