अमावस्या
व्रतसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 05:22–06:10
दिन 06:58–17:41 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 05:22–06:10 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:58–12:41 43 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 00:48, 25 दिसम्बर–02:12, 25 दिसम्बर 1 घं 24 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 15:00–16:20 1 घं 20 मि
- यमगण्ड
- 09:39–10:59 1 घं 20 मि
- गुलिक काल
- 12:19–13:40 1 घं 20 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 09:07–09:49 43 मिनट 23:00–23:53 53 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 16:25–17:48 1 घं 24 मि 05:00, 25 दिसम्बर–06:24, 25 दिसम्बर 1 घं 24 मि
चौघड़िया
दिन
- रोग 06:58–08:18
- उद्वेग 08:18–09:39
- चल 09:39–10:59
- लाभ 10:59–12:19
- अमृत 12:19–13:40
- काल 13:40–15:00
- शुभ 15:00–16:20
- रोग 16:20–17:41
रात
- काल 17:41–19:20
- लाभ 19:20–21:00
- उद्वेग 21:00–22:40
- शुभ 22:40–00:20, 25 दिसम्बर
- अमृत 00:20, 25 दिसम्बर–01:59, 25 दिसम्बर
- चल 01:59, 25 दिसम्बर–03:39, 25 दिसम्बर
- रोग 03:39, 25 दिसम्बर–05:19, 25 दिसम्बर
- काल 05:19, 25 दिसम्बर–06:59, 25 दिसम्बर
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- पौष
- मास (अमांत)
- मार्गशीर्ष
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
- ऋतु
- हेमन्त
- सूर्य राशि
- धनु
- चंद्र राशि
- वृश्चिक
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
24 दिसम्बर 2030 को कौन सी तिथि है?
24 दिसम्बर 2030 को कृष्ण अमावस्या है, जो 23:02 बजे तक रहती है। (भोपाल)
24 दिसम्बर 2030 को नक्षत्र कौन सा है?
ज्येष्ठा नक्षत्र 09:25 बजे तक रहता है। (भोपाल)
24 दिसम्बर 2030 को राहु काल कब है?
भोपाल में राहु काल 15:00 से 16:20 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
24 दिसम्बर 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
भोपाल में सूर्योदय 06:58 बजे और सूर्यास्त 17:41 बजे है।