एकादशी
व्रतसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:54–05:42
दिन 06:30–17:53 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:54–05:42 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:49–12:34 46 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 20:03–21:30 1 घं 28 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 15:02–16:28 1 घं 25 मि
- यमगण्ड
- 09:21–10:46 1 घं 25 मि
- गुलिक काल
- 12:12–13:37 1 घं 25 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 08:47–09:32 46 मिनट 22:56–23:46 50 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 11:16–12:44 1 घं 28 मि
चौघड़िया
दिन
- रोग 06:30–07:56
- उद्वेग 07:56–09:21
- चल 09:21–10:46
- लाभ 10:46–12:12
- अमृत 12:12–13:37
- काल 13:37–15:02
- शुभ 15:02–16:28
- रोग 16:28–17:53
रात
- काल 17:53–19:28
- लाभ 19:28–21:02
- उद्वेग 21:02–22:37
- शुभ 22:37–00:11, 19 फ़रवरी
- अमृत 00:11, 19 फ़रवरी–01:46, 19 फ़रवरी
- चल 01:46, 19 फ़रवरी–03:20, 19 फ़रवरी
- रोग 03:20, 19 फ़रवरी–04:55, 19 फ़रवरी
- काल 04:55, 19 फ़रवरी–06:29, 19 फ़रवरी
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- फाल्गुन
- मास (अमांत)
- माघ
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
- ऋतु
- शिशिर
- सूर्य राशि
- कुम्भ
- चंद्र राशि
- धनु
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
18 फ़रवरी 2031 को कौन सी तिथि है?
18 फ़रवरी 2031 को कृष्ण एकादशी है, जो 08:28 बजे तक रहती है। (वाराणसी)
18 फ़रवरी 2031 को नक्षत्र कौन सा है?
पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र 00:26, 19 फ़रवरी बजे तक रहता है। (वाराणसी)
18 फ़रवरी 2031 को राहु काल कब है?
वाराणसी में राहु काल 15:02 से 16:28 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
18 फ़रवरी 2031 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
वाराणसी में सूर्योदय 06:30 बजे और सूर्यास्त 17:53 बजे है।