सूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:37–05:25
दिन 06:13–17:47 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:37–05:25 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- —
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 16:27–17:54 1 घं 27 मि
बुधवार को अभिजित मुहूर्त नहीं होता।
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 12:00–13:27 1 घं 27 मि
- यमगण्ड
- 07:40–09:07 1 घं 27 मि
- गुलिक काल
- 10:33–12:00 1 घं 27 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 11:37–12:23 46 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 07:43–09:10 1 घं 27 मि 01:55, 20 फ़रवरी–03:23, 20 फ़रवरी 1 घं 28 मि
चौघड़िया
दिन
- लाभ 06:13–07:40
- अमृत 07:40–09:07
- काल 09:07–10:33
- शुभ 10:33–12:00
- रोग 12:00–13:27
- उद्वेग 13:27–14:54
- चल 14:54–16:20
- लाभ 16:20–17:47
रात
- उद्वेग 17:47–19:20
- शुभ 19:20–20:53
- अमृत 20:53–22:27
- चल 22:27–00:00, 20 फ़रवरी
- रोग 00:00, 20 फ़रवरी–01:33, 20 फ़रवरी
- काल 01:33, 20 फ़रवरी–03:06, 20 फ़रवरी
- लाभ 03:06, 20 फ़रवरी–04:39, 20 फ़रवरी
- उद्वेग 04:39, 20 फ़रवरी–06:13, 20 फ़रवरी
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- फाल्गुन
- मास (अमांत)
- माघ
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
- ऋतु
- शिशिर
- सूर्य राशि
- कुम्भ
- चंद्र राशि
- मकर
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
19 फ़रवरी 2031 को कौन सी तिथि है?
19 फ़रवरी 2031 को कृष्ण त्रयोदशी है, जो 02:44, 20 फ़रवरी बजे तक रहती है। (भुवनेश्वर)
19 फ़रवरी 2031 को नक्षत्र कौन सा है?
उत्तराषाढ़ा नक्षत्र 22:16 बजे तक रहता है। (भुवनेश्वर)
19 फ़रवरी 2031 को राहु काल कब है?
भुवनेश्वर में राहु काल 12:00 से 13:27 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
19 फ़रवरी 2031 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
भुवनेश्वर में सूर्योदय 06:13 बजे और सूर्यास्त 17:47 बजे है।