सूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:30–05:18
दिन 06:06–18:07 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:30–05:18 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:42–12:31 48 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 02:41, 17 मार्च–04:12, 17 मार्च 1 घं 31 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 16:37–18:07 1 घं 30 मि
- यमगण्ड
- 12:07–13:37 1 घं 30 मि
- गुलिक काल
- 15:07–16:37 1 घं 30 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 16:31–17:19 48 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 17:38–19:08 1 घं 31 मि
चौघड़िया
दिन
- उद्वेग 06:06–07:36
- चल 07:36–09:06
- लाभ 09:06–10:36
- अमृत 10:36–12:07
- काल 12:07–13:37
- शुभ 13:37–15:07
- रोग 15:07–16:37
- उद्वेग 16:37–18:07
रात
- शुभ 18:07–19:37
- अमृत 19:37–21:06
- चल 21:06–22:36
- रोग 22:36–00:06, 17 मार्च
- काल 00:06, 17 मार्च–01:36, 17 मार्च
- लाभ 01:36, 17 मार्च–03:06, 17 मार्च
- उद्वेग 03:06, 17 मार्च–04:35, 17 मार्च
- शुभ 04:35, 17 मार्च–06:05, 17 मार्च
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- चैत्र
- मास (अमांत)
- फाल्गुन
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
- ऋतु
- शिशिर
- सूर्य राशि
- मीन
- चंद्र राशि
- वृश्चिक
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
16 मार्च 2031 को कौन सी तिथि है?
16 मार्च 2031 को कृष्ण अष्टमी है, जो 23:04 बजे तक रहती है। (वाराणसी)
16 मार्च 2031 को नक्षत्र कौन सा है?
ज्येष्ठा नक्षत्र 10:05 बजे तक रहता है। (वाराणसी)
16 मार्च 2031 को राहु काल कब है?
वाराणसी में राहु काल 16:37 से 18:07 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
16 मार्च 2031 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
वाराणसी में सूर्योदय 06:06 बजे और सूर्यास्त 18:07 बजे है।