सूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:03–04:51
दिन 05:39–18:25 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:03–04:51 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- —
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 23:18–00:51, 17 अप्रैल 1 घं 32 मि
बुधवार को अभिजित मुहूर्त नहीं होता।
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 12:02–13:38 1 घं 36 मि
- यमगण्ड
- 07:15–08:51 1 घं 36 मि
- गुलिक काल
- 10:26–12:02 1 घं 36 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 11:37–12:28 51 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 14:04–15:36 1 घं 32 मि
चौघड़िया
दिन
- लाभ 05:39–07:15
- अमृत 07:15–08:51
- काल 08:51–10:26
- शुभ 10:26–12:02
- रोग 12:02–13:38
- उद्वेग 13:38–15:14
- चल 15:14–16:50
- लाभ 16:50–18:25
रात
- उद्वेग 18:25–19:50
- शुभ 19:50–21:14
- अमृत 21:14–22:38
- चल 22:38–00:02, 17 अप्रैल
- रोग 00:02, 17 अप्रैल–01:26, 17 अप्रैल
- काल 01:26, 17 अप्रैल–02:50, 17 अप्रैल
- लाभ 02:50, 17 अप्रैल–04:14, 17 अप्रैल
- उद्वेग 04:14, 17 अप्रैल–05:38, 17 अप्रैल
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- वैशाख
- मास (अमांत)
- चैत्र
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2088
- शक संवत
- 1953
- ऋतु
- वसन्त
- सूर्य राशि
- मेष
- चंद्र राशि
- मकर
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
16 अप्रैल 2031 को कौन सी तिथि है?
16 अप्रैल 2031 को कृष्ण दशमी है, जो 01:49, 17 अप्रैल बजे तक रहती है। (प्रयागराज)
16 अप्रैल 2031 को नक्षत्र कौन सा है?
श्रवण नक्षत्र 10:13 बजे तक रहता है। (प्रयागराज)
16 अप्रैल 2031 को राहु काल कब है?
प्रयागराज में राहु काल 12:02 से 13:38 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
16 अप्रैल 2031 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
प्रयागराज में सूर्योदय 05:39 बजे और सूर्यास्त 18:25 बजे है।