सूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:19–05:07
दिन 05:55–18:55 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:19–05:07 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- —
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 06:43–08:25 1 घं 42 मि
बुधवार को अभिजित मुहूर्त नहीं होता।
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 12:25–14:02 1 घं 37 मि
- यमगण्ड
- 07:33–09:10 1 घं 37 मि
- गुलिक काल
- 10:48–12:25 1 घं 37 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 11:59–12:51 52 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 00:54, 24 अप्रैल–02:38, 24 अप्रैल 1 घं 44 मि
चौघड़िया
दिन
- लाभ 05:55–07:33
- अमृत 07:33–09:10
- काल 09:10–10:48
- शुभ 10:48–12:25
- रोग 12:25–14:02
- उद्वेग 14:02–15:40
- चल 15:40–17:17
- लाभ 17:17–18:55
रात
- उद्वेग 18:55–20:17
- शुभ 20:17–21:40
- अमृत 21:40–23:02
- चल 23:02–00:25, 24 अप्रैल
- रोग 00:25, 24 अप्रैल–01:47, 24 अप्रैल
- काल 01:47, 24 अप्रैल–03:09, 24 अप्रैल
- लाभ 03:09, 24 अप्रैल–04:32, 24 अप्रैल
- उद्वेग 04:32, 24 अप्रैल–05:54, 24 अप्रैल
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- वैशाख
- मास (अमांत)
- वैशाख
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- विक्रम संवत
- 2088
- शक संवत
- 1953
- ऋतु
- वसन्त
- सूर्य राशि
- मेष
- चंद्र राशि
- मेष
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
23 अप्रैल 2031 को कौन सी तिथि है?
23 अप्रैल 2031 को शुक्ल द्वितीया है, जो 00:27, 24 अप्रैल बजे तक रहती है। (जयपुर)
23 अप्रैल 2031 को नक्षत्र कौन सा है?
भरणी नक्षत्र 11:50 बजे तक रहता है। (जयपुर)
23 अप्रैल 2031 को राहु काल कब है?
जयपुर में राहु काल 12:25 से 14:02 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
23 अप्रैल 2031 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
जयपुर में सूर्योदय 05:55 बजे और सूर्यास्त 18:55 बजे है।