सूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 03:34–04:22
दिन 05:10–18:15 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 03:34–04:22 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- —
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- —
बुधवार को अभिजित मुहूर्त नहीं होता।
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 11:43–13:21 1 घं 38 मि
- यमगण्ड
- 06:48–08:26 1 घं 38 मि
- गुलिक काल
- 10:05–11:43 1 घं 38 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 11:17–12:09 52 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 21:45–23:19 1 घं 34 मि
चौघड़िया
दिन
- लाभ 05:10–06:48
- अमृत 06:48–08:26
- काल 08:26–10:05
- शुभ 10:05–11:43
- रोग 11:43–13:21
- उद्वेग 13:21–14:59
- चल 14:59–16:37
- लाभ 16:37–18:15
रात
- उद्वेग 18:15–19:37
- शुभ 19:37–20:59
- अमृत 20:59–22:21
- चल 22:21–23:42
- रोग 23:42–01:04, 15 मई
- काल 01:04, 15 मई–02:26, 15 मई
- लाभ 02:26, 15 मई–03:48, 15 मई
- उद्वेग 03:48, 15 मई–05:10, 15 मई
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- ज्येष्ठ
- मास (अमांत)
- वैशाख
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2088
- शक संवत
- 1953
- ऋतु
- वसन्त
- सूर्य राशि
- मेष
- चंद्र राशि
- कुम्भ
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
14 मई 2031 को कौन सी तिथि है?
14 मई 2031 को कृष्ण अष्टमी है, जो 11:46 बजे तक रहती है। (भुवनेश्वर)
14 मई 2031 को नक्षत्र कौन सा है?
धनिष्ठा नक्षत्र 14:42 बजे तक रहता है। (भुवनेश्वर)
14 मई 2031 को राहु काल कब है?
भुवनेश्वर में राहु काल 11:43 से 13:21 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
14 मई 2031 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
भुवनेश्वर में सूर्योदय 05:10 बजे और सूर्यास्त 18:15 बजे है।