अमावस्या
व्रतआंशिक सूर्य ग्रहण
11:45–14:49- स्पर्श
- 11:45
- मध्य
- 13:21
- मोक्ष
- 14:49
- ग्रहण मान
- 0.463
- सूतक काल
- 23:45, 20 मई–14:49
सूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 03:39–04:27
दिन 05:15–18:49 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 03:39–04:27 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- —
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 18:31–20:16 1 घं 45 मि
बुधवार को अभिजित मुहूर्त नहीं होता।
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 12:02–13:44 1 घं 42 मि
- यमगण्ड
- 06:57–08:39 1 घं 42 मि
- गुलिक काल
- 10:21–12:02 1 घं 42 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 11:35–12:30 54 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 08:01–09:46 1 घं 45 मि
चौघड़िया
दिन
- लाभ 05:15–06:57
- अमृत 06:57–08:39
- काल 08:39–10:21
- शुभ 10:21–12:02
- रोग 12:02–13:44
- उद्वेग 13:44–15:26
- चल 15:26–17:08
- लाभ 17:08–18:49
रात
- उद्वेग 18:49–20:08
- शुभ 20:08–21:26
- अमृत 21:26–22:44
- चल 22:44–00:02, 22 मई
- रोग 00:02, 22 मई–01:20, 22 मई
- काल 01:20, 22 मई–02:39, 22 मई
- लाभ 02:39, 22 मई–03:57, 22 मई
- उद्वेग 03:57, 22 मई–05:15, 22 मई
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- ज्येष्ठ
- मास (अमांत)
- वैशाख
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2088
- शक संवत
- 1953
- ऋतु
- वसन्त
- सूर्य राशि
- वृषभ
- चंद्र राशि
- वृषभ
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
21 मई 2031 को कौन सी तिथि है?
21 मई 2031 को कृष्ण अमावस्या है, जो 12:47 बजे तक रहती है। (लखनऊ)
21 मई 2031 को नक्षत्र कौन सा है?
कृत्तिका नक्षत्र 21:09 बजे तक रहता है। (लखनऊ)
21 मई 2031 को राहु काल कब है?
लखनऊ में राहु काल 12:02 से 13:44 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
21 मई 2031 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
लखनऊ में सूर्योदय 05:15 बजे और सूर्यास्त 18:49 बजे है।