सूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:15–05:03
दिन 05:51–17:41 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:15–05:03 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:22–12:10 47 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- —
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 16:12–17:41 1 घं 29 मि
- यमगण्ड
- 11:46–13:15 1 घं 29 मि
- गुलिक काल
- 14:43–16:12 1 घं 29 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 16:06–16:54 47 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 00:59, 6 अक्टूबर–02:42, 6 अक्टूबर 1 घं 44 मि
चौघड़िया
दिन
- उद्वेग 05:51–07:20
- चल 07:20–08:48
- लाभ 08:48–10:17
- अमृत 10:17–11:46
- काल 11:46–13:15
- शुभ 13:15–14:43
- रोग 14:43–16:12
- उद्वेग 16:12–17:41
रात
- शुभ 17:41–19:12
- अमृत 19:12–20:44
- चल 20:44–22:15
- रोग 22:15–23:46
- काल 23:46–01:17, 6 अक्टूबर
- लाभ 01:17, 6 अक्टूबर–02:49, 6 अक्टूबर
- उद्वेग 02:49, 6 अक्टूबर–04:20, 6 अक्टूबर
- शुभ 04:20, 6 अक्टूबर–05:51, 6 अक्टूबर
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- आश्विन
- मास (अमांत)
- भाद्रपद
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2088
- शक संवत
- 1953
- ऋतु
- वर्षा
- सूर्य राशि
- कन्या
- चंद्र राशि
- वृषभ
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
5 अक्टूबर 2031 को कौन सी तिथि है?
5 अक्टूबर 2031 को कृष्ण पंचमी है, जो 23:08 बजे तक रहती है। (वाराणसी)
5 अक्टूबर 2031 को नक्षत्र कौन सा है?
कृत्तिका नक्षत्र 07:40 बजे तक रहता है। (वाराणसी)
5 अक्टूबर 2031 को राहु काल कब है?
वाराणसी में राहु काल 16:12 से 17:41 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
5 अक्टूबर 2031 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
वाराणसी में सूर्योदय 05:51 बजे और सूर्यास्त 17:41 बजे है।