सूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:24–05:12
दिन 06:00–17:24 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:24–05:12 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:19–12:05 46 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 14:52–16:22 1 घं 30 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 13:07–14:33 1 घं 26 मि
- यमगण्ड
- 06:00–07:25 1 घं 26 मि
- गुलिक काल
- 08:51–10:16 1 घं 26 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 09:48–10:33 46 मिनट 14:21–15:07 46 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 00:38, 24 अक्टूबर–02:09, 24 अक्टूबर 1 घं 30 मि
चौघड़िया
दिन
- शुभ 06:00–07:25
- रोग 07:25–08:51
- उद्वेग 08:51–10:16
- चल 10:16–11:42
- लाभ 11:42–13:07
- अमृत 13:07–14:33
- काल 14:33–15:58
- शुभ 15:58–17:24
रात
- अमृत 17:24–18:58
- चल 18:58–20:33
- रोग 20:33–22:08
- काल 22:08–23:42
- लाभ 23:42–01:17, 24 अक्टूबर
- उद्वेग 01:17, 24 अक्टूबर–02:51, 24 अक्टूबर
- शुभ 02:51, 24 अक्टूबर–04:26, 24 अक्टूबर
- अमृत 04:26, 24 अक्टूबर–06:00, 24 अक्टूबर
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- आश्विन
- मास (अमांत)
- आश्विन
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- विक्रम संवत
- 2088
- शक संवत
- 1953
- ऋतु
- शरद
- सूर्य राशि
- तुला
- चंद्र राशि
- मकर
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
23 अक्टूबर 2031 को कौन सी तिथि है?
23 अक्टूबर 2031 को शुक्ल अष्टमी है, जो 00:00, 24 अक्टूबर बजे तक रहती है। (वाराणसी)
23 अक्टूबर 2031 को नक्षत्र कौन सा है?
उत्तराषाढ़ा नक्षत्र 20:53 बजे तक रहता है। (वाराणसी)
23 अक्टूबर 2031 को राहु काल कब है?
वाराणसी में राहु काल 13:07 से 14:33 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
23 अक्टूबर 2031 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
वाराणसी में सूर्योदय 06:00 बजे और सूर्यास्त 17:24 बजे है।