सूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:41–05:29
दिन 06:17–18:01 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:41–05:29 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:46–12:33 47 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 07:23–09:01 1 घं 38 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 07:45–09:13 1 घं 28 मि
- यमगण्ड
- 10:41–12:09 1 घं 28 मि
- गुलिक काल
- 13:37–15:05 1 घं 28 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 12:33–13:20 47 मिनट 14:54–15:41 47 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 00:14, 5 मार्च–01:48, 5 मार्च 1 घं 35 मि
चौघड़िया
दिन
- अमृत 06:17–07:45
- काल 07:45–09:13
- शुभ 09:13–10:41
- रोग 10:41–12:09
- उद्वेग 12:09–13:37
- चल 13:37–15:05
- लाभ 15:05–16:33
- अमृत 16:33–18:01
रात
- चल 18:01–19:33
- रोग 19:33–21:05
- काल 21:05–22:37
- लाभ 22:37–00:09, 5 मार्च
- उद्वेग 00:09, 5 मार्च–01:41, 5 मार्च
- शुभ 01:41, 5 मार्च–03:13, 5 मार्च
- अमृत 03:13, 5 मार्च–04:45, 5 मार्च
- चल 04:45, 5 मार्च–06:16, 5 मार्च
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- फाल्गुन
- मास (अमांत)
- माघ
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2080
- शक संवत
- 1945
- ऋतु
- शिशिर
- सूर्य राशि
- कुम्भ
- चंद्र राशि
- वृश्चिक
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
4 मार्च 2024 को कौन सी तिथि है?
4 मार्च 2024 को कृष्ण अष्टमी है, जो 08:49 बजे तक रहती है। (वाराणसी)
4 मार्च 2024 को नक्षत्र कौन सा है?
ज्येष्ठा नक्षत्र 16:21 बजे तक रहता है। (वाराणसी)
4 मार्च 2024 को राहु काल कब है?
वाराणसी में राहु काल 07:45 से 09:13 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
4 मार्च 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
वाराणसी में सूर्योदय 06:17 बजे और सूर्यास्त 18:01 बजे है।