अमावस्या
व्रतसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:21–05:09
दिन 05:57–18:39 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:21–05:09 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:52–12:43 51 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 06:39–08:20 1 घं 42 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 17:03–18:39 1 घं 35 मि
- यमगण्ड
- 12:18–13:53 1 घं 35 मि
- गुलिक काल
- 15:28–17:03 1 घं 35 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 16:57–17:48 51 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 03:15, 5 अगस्त–04:59, 5 अगस्त 1 घं 44 मि
चौघड़िया
दिन
- उद्वेग 05:57–07:32
- चल 07:32–09:07
- लाभ 09:07–10:43
- अमृत 10:43–12:18
- काल 12:18–13:53
- शुभ 13:53–15:28
- रोग 15:28–17:03
- उद्वेग 17:03–18:39
रात
- शुभ 18:39–20:03
- अमृत 20:03–21:28
- चल 21:28–22:53
- रोग 22:53–00:18, 5 अगस्त
- काल 00:18, 5 अगस्त–01:43, 5 अगस्त
- लाभ 01:43, 5 अगस्त–03:08, 5 अगस्त
- उद्वेग 03:08, 5 अगस्त–04:32, 5 अगस्त
- शुभ 04:32, 5 अगस्त–05:57, 5 अगस्त
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- श्रावण
- मास (अमांत)
- आषाढ़
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2081
- शक संवत
- 1946
- ऋतु
- ग्रीष्म
- सूर्य राशि
- कर्क
- चंद्र राशि
- कर्क
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
4 अगस्त 2024 को कौन सी तिथि है?
4 अगस्त 2024 को कृष्ण अमावस्या है, जो 16:43 बजे तक रहती है। (तिरुपति)
4 अगस्त 2024 को नक्षत्र कौन सा है?
पुष्य नक्षत्र 13:26 बजे तक रहता है। (तिरुपति)
4 अगस्त 2024 को राहु काल कब है?
तिरुपति में राहु काल 17:03 से 18:39 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
4 अगस्त 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
तिरुपति में सूर्योदय 05:57 बजे और सूर्यास्त 18:39 बजे है।