अमावस्या
व्रतसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 03:50–04:38
दिन 05:26–18:41 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 03:50–04:38 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:37–12:30 53 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 06:39–08:20 1 घं 42 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 17:02–18:41 1 घं 39 मि
- यमगण्ड
- 12:04–13:43 1 घं 39 मि
- गुलिक काल
- 15:22–17:02 1 घं 39 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 16:55–17:48 53 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 03:15, 5 अगस्त–04:59, 5 अगस्त 1 घं 44 मि
चौघड़िया
दिन
- उद्वेग 05:26–07:05
- चल 07:05–08:45
- लाभ 08:45–10:24
- अमृत 10:24–12:04
- काल 12:04–13:43
- शुभ 13:43–15:22
- रोग 15:22–17:02
- उद्वेग 17:02–18:41
रात
- शुभ 18:41–20:02
- अमृत 20:02–21:22
- चल 21:22–22:43
- रोग 22:43–00:04, 5 अगस्त
- काल 00:04, 5 अगस्त–01:24, 5 अगस्त
- लाभ 01:24, 5 अगस्त–02:45, 5 अगस्त
- उद्वेग 02:45, 5 अगस्त–04:06, 5 अगस्त
- शुभ 04:06, 5 अगस्त–05:27, 5 अगस्त
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- श्रावण
- मास (अमांत)
- आषाढ़
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2081
- शक संवत
- 1946
- ऋतु
- ग्रीष्म
- सूर्य राशि
- कर्क
- चंद्र राशि
- कर्क
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
4 अगस्त 2024 को कौन सी तिथि है?
4 अगस्त 2024 को कृष्ण अमावस्या है, जो 16:43 बजे तक रहती है। (वाराणसी)
4 अगस्त 2024 को नक्षत्र कौन सा है?
पुष्य नक्षत्र 13:26 बजे तक रहता है। (वाराणसी)
4 अगस्त 2024 को राहु काल कब है?
वाराणसी में राहु काल 17:02 से 18:41 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
4 अगस्त 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
वाराणसी में सूर्योदय 05:26 बजे और सूर्यास्त 18:41 बजे है।