एकादशी
व्रतसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:56–05:44
दिन 06:32–17:53 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:56–05:44 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:50–12:35 45 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 08:20–10:07 1 घं 47 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 13:37–15:02 1 घं 25 मि
- यमगण्ड
- 06:32–07:57 1 घं 25 मि
- गुलिक काल
- 09:22–10:47 1 घं 25 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 10:19–11:04 45 मिनट 14:51–15:37 45 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 00:18, 27 दिसम्बर–02:03, 27 दिसम्बर 1 घं 45 मि
चौघड़िया
दिन
- शुभ 06:32–07:57
- रोग 07:57–09:22
- उद्वेग 09:22–10:47
- चल 10:47–12:12
- लाभ 12:12–13:37
- अमृत 13:37–15:02
- काल 15:02–16:28
- शुभ 16:28–17:53
रात
- अमृत 17:53–19:28
- चल 19:28–21:03
- रोग 21:03–22:38
- काल 22:38–00:13, 27 दिसम्बर
- लाभ 00:13, 27 दिसम्बर–01:48, 27 दिसम्बर
- उद्वेग 01:48, 27 दिसम्बर–03:23, 27 दिसम्बर
- शुभ 03:23, 27 दिसम्बर–04:58, 27 दिसम्बर
- अमृत 04:58, 27 दिसम्बर–06:33, 27 दिसम्बर
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- पौष
- मास (अमांत)
- मार्गशीर्ष
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2081
- शक संवत
- 1946
- ऋतु
- हेमन्त
- सूर्य राशि
- धनु
- चंद्र राशि
- तुला
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
26 दिसम्बर 2024 को कौन सी तिथि है?
26 दिसम्बर 2024 को कृष्ण एकादशी है, जो 00:44, 27 दिसम्बर बजे तक रहती है। (तिरुपति)
26 दिसम्बर 2024 को नक्षत्र कौन सा है?
स्वाति नक्षत्र 18:09 बजे तक रहता है। (तिरुपति)
26 दिसम्बर 2024 को राहु काल कब है?
तिरुपति में राहु काल 13:37 से 15:02 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
26 दिसम्बर 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
तिरुपति में सूर्योदय 06:32 बजे और सूर्यास्त 17:53 बजे है।