एकादशी
व्रतसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 05:29–06:17
दिन 07:05–17:49 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 05:29–06:17 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 12:06–12:48 43 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 08:20–10:07 1 घं 47 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 13:47–15:08 1 घं 20 मि
- यमगण्ड
- 07:05–08:26 1 घं 20 मि
- गुलिक काल
- 09:46–11:07 1 घं 20 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 10:40–11:23 43 मिनट 14:57–15:40 43 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 00:18, 27 दिसम्बर–02:03, 27 दिसम्बर 1 घं 45 मि
चौघड़िया
दिन
- शुभ 07:05–08:26
- रोग 08:26–09:46
- उद्वेग 09:46–11:07
- चल 11:07–12:27
- लाभ 12:27–13:47
- अमृत 13:47–15:08
- काल 15:08–16:28
- शुभ 16:28–17:49
रात
- अमृत 17:49–19:28
- चल 19:28–21:08
- रोग 21:08–22:48
- काल 22:48–00:27, 27 दिसम्बर
- लाभ 00:27, 27 दिसम्बर–02:07, 27 दिसम्बर
- उद्वेग 02:07, 27 दिसम्बर–03:47, 27 दिसम्बर
- शुभ 03:47, 27 दिसम्बर–05:26, 27 दिसम्बर
- अमृत 05:26, 27 दिसम्बर–07:06, 27 दिसम्बर
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- पौष
- मास (अमांत)
- मार्गशीर्ष
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2081
- शक संवत
- 1946
- ऋतु
- हेमन्त
- सूर्य राशि
- धनु
- चंद्र राशि
- तुला
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
26 दिसम्बर 2024 को कौन सी तिथि है?
26 दिसम्बर 2024 को कृष्ण एकादशी है, जो 00:44, 27 दिसम्बर बजे तक रहती है। (उज्जैन)
26 दिसम्बर 2024 को नक्षत्र कौन सा है?
स्वाति नक्षत्र 18:09 बजे तक रहता है। (उज्जैन)
26 दिसम्बर 2024 को राहु काल कब है?
उज्जैन में राहु काल 13:47 से 15:08 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
26 दिसम्बर 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
उज्जैन में सूर्योदय 07:05 बजे और सूर्यास्त 17:49 बजे है।