इंदिरा एकादशी
व्रतसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:25–05:13
दिन 06:01–18:12 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:25–05:13 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- —
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 00:06, 18 सितम्बर–01:43, 18 सितम्बर 1 घं 36 मि
बुधवार को अभिजित मुहूर्त नहीं होता।
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 12:06–13:38 1 घं 31 मि
- यमगण्ड
- 07:32–09:03 1 घं 31 मि
- गुलिक काल
- 10:35–12:06 1 घं 31 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 11:42–12:31 49 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 14:28–16:04 1 घं 36 मि
चौघड़िया
दिन
- लाभ 06:01–07:32
- अमृत 07:32–09:03
- काल 09:03–10:35
- शुभ 10:35–12:06
- रोग 12:06–13:38
- उद्वेग 13:38–15:09
- चल 15:09–16:40
- लाभ 16:40–18:12
रात
- उद्वेग 18:12–19:40
- शुभ 19:40–21:09
- अमृत 21:09–22:38
- चल 22:38–00:06, 18 सितम्बर
- रोग 00:06, 18 सितम्बर–01:35, 18 सितम्बर
- काल 01:35, 18 सितम्बर–03:03, 18 सितम्बर
- लाभ 03:03, 18 सितम्बर–04:32, 18 सितम्बर
- उद्वेग 04:32, 18 सितम्बर–06:01, 18 सितम्बर
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- आश्विन
- मास (अमांत)
- भाद्रपद
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2082
- शक संवत
- 1947
- ऋतु
- वर्षा
- सूर्य राशि
- कन्या
- चंद्र राशि
- कर्क
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
17 सितम्बर 2025 को कौन सी तिथि है?
17 सितम्बर 2025 को कृष्ण एकादशी है, जो 23:40 बजे तक रहती है। (तिरुपति)
17 सितम्बर 2025 को नक्षत्र कौन सा है?
पुनर्वसु नक्षत्र 06:26 बजे तक रहता है। (तिरुपति)
17 सितम्बर 2025 को राहु काल कब है?
तिरुपति में राहु काल 12:06 से 13:38 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
17 सितम्बर 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
तिरुपति में सूर्योदय 06:01 बजे और सूर्यास्त 18:12 बजे है।