इंदिरा एकादशी
व्रतसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:08–04:56
दिन 05:44–18:00 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:08–04:56 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- —
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 00:06, 18 सितम्बर–01:43, 18 सितम्बर 1 घं 36 मि
बुधवार को अभिजित मुहूर्त नहीं होता।
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 11:52–13:24 1 घं 32 मि
- यमगण्ड
- 07:16–08:48 1 घं 32 मि
- गुलिक काल
- 10:20–11:52 1 घं 32 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 11:27–12:16 49 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 14:28–16:04 1 घं 36 मि
चौघड़िया
दिन
- लाभ 05:44–07:16
- अमृत 07:16–08:48
- काल 08:48–10:20
- शुभ 10:20–11:52
- रोग 11:52–13:24
- उद्वेग 13:24–14:56
- चल 14:56–16:28
- लाभ 16:28–18:00
रात
- उद्वेग 18:00–19:28
- शुभ 19:28–20:56
- अमृत 20:56–22:24
- चल 22:24–23:52
- रोग 23:52–01:20, 18 सितम्बर
- काल 01:20, 18 सितम्बर–02:48, 18 सितम्बर
- लाभ 02:48, 18 सितम्बर–04:16, 18 सितम्बर
- उद्वेग 04:16, 18 सितम्बर–05:44, 18 सितम्बर
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- आश्विन
- मास (अमांत)
- भाद्रपद
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2082
- शक संवत
- 1947
- ऋतु
- वर्षा
- सूर्य राशि
- कन्या
- चंद्र राशि
- कर्क
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
17 सितम्बर 2025 को कौन सी तिथि है?
17 सितम्बर 2025 को कृष्ण एकादशी है, जो 23:40 बजे तक रहती है। (वाराणसी)
17 सितम्बर 2025 को नक्षत्र कौन सा है?
पुनर्वसु नक्षत्र 06:26 बजे तक रहता है। (वाराणसी)
17 सितम्बर 2025 को राहु काल कब है?
वाराणसी में राहु काल 11:52 से 13:24 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
17 सितम्बर 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
वाराणसी में सूर्योदय 05:44 बजे और सूर्यास्त 18:00 बजे है।