वरूथिनी एकादशी
व्रतसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:32–05:20
दिन 06:08–18:31 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:32–05:20 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:55–12:45 50 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- —
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 07:41–09:14 1 घं 33 मि
- यमगण्ड
- 10:47–12:20 1 घं 33 मि
- गुलिक काल
- 13:53–15:26 1 घं 33 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 12:45–13:34 50 मिनट 15:13–16:03 50 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 23:16–00:52, 14 अप्रैल 1 घं 36 मि
चौघड़िया
दिन
- अमृत 06:08–07:41
- काल 07:41–09:14
- शुभ 09:14–10:47
- रोग 10:47–12:20
- उद्वेग 12:20–13:53
- चल 13:53–15:26
- लाभ 15:26–16:59
- अमृत 16:59–18:31
रात
- चल 18:31–19:58
- रोग 19:58–21:25
- काल 21:25–22:52
- लाभ 22:52–00:19, 14 अप्रैल
- उद्वेग 00:19, 14 अप्रैल–01:46, 14 अप्रैल
- शुभ 01:46, 14 अप्रैल–03:13, 14 अप्रैल
- अमृत 03:13, 14 अप्रैल–04:40, 14 अप्रैल
- चल 04:40, 14 अप्रैल–06:07, 14 अप्रैल
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- वैशाख
- मास (अमांत)
- चैत्र
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2083
- शक संवत
- 1948
- ऋतु
- वसन्त
- सूर्य राशि
- मीन
- चंद्र राशि
- कुम्भ
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
13 अप्रैल 2026 को कौन सी तिथि है?
13 अप्रैल 2026 को कृष्ण एकादशी है, जो 01:09, 14 अप्रैल बजे तक रहती है। (बेंगलुरु)
13 अप्रैल 2026 को नक्षत्र कौन सा है?
धनिष्ठा नक्षत्र 16:03 बजे तक रहता है। (बेंगलुरु)
13 अप्रैल 2026 को राहु काल कब है?
बेंगलुरु में राहु काल 07:41 से 09:14 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
13 अप्रैल 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
बेंगलुरु में सूर्योदय 06:08 बजे और सूर्यास्त 18:31 बजे है।