वरूथिनी एकादशी
व्रतसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:29–05:17
दिन 06:05–18:49 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:29–05:17 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 12:02–12:53 51 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- —
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 07:40–09:16 1 घं 36 मि
- यमगण्ड
- 10:52–12:27 1 घं 36 मि
- गुलिक काल
- 14:03–15:38 1 घं 36 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 12:53–13:44 51 मिनट 15:26–16:17 51 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 23:16–00:52, 14 अप्रैल 1 घं 36 मि
चौघड़िया
दिन
- अमृत 06:05–07:40
- काल 07:40–09:16
- शुभ 09:16–10:52
- रोग 10:52–12:27
- उद्वेग 12:27–14:03
- चल 14:03–15:38
- लाभ 15:38–17:14
- अमृत 17:14–18:49
रात
- चल 18:49–20:14
- रोग 20:14–21:38
- काल 21:38–23:02
- लाभ 23:02–00:27, 14 अप्रैल
- उद्वेग 00:27, 14 अप्रैल–01:51, 14 अप्रैल
- शुभ 01:51, 14 अप्रैल–03:15, 14 अप्रैल
- अमृत 03:15, 14 अप्रैल–04:39, 14 अप्रैल
- चल 04:39, 14 अप्रैल–06:04, 14 अप्रैल
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- वैशाख
- मास (अमांत)
- चैत्र
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2083
- शक संवत
- 1948
- ऋतु
- वसन्त
- सूर्य राशि
- मीन
- चंद्र राशि
- कुम्भ
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
13 अप्रैल 2026 को कौन सी तिथि है?
13 अप्रैल 2026 को कृष्ण एकादशी है, जो 01:09, 14 अप्रैल बजे तक रहती है। (जयपुर)
13 अप्रैल 2026 को नक्षत्र कौन सा है?
धनिष्ठा नक्षत्र 16:03 बजे तक रहता है। (जयपुर)
13 अप्रैल 2026 को राहु काल कब है?
जयपुर में राहु काल 07:40 से 09:16 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
13 अप्रैल 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
जयपुर में सूर्योदय 06:05 बजे और सूर्यास्त 18:49 बजे है।