सूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:19–05:07
दिन 05:55–18:26 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:19–05:07 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:46–12:36 50 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 15:58–17:25 1 घं 27 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 15:18–16:52 1 घं 34 मि
- यमगण्ड
- 09:03–10:37 1 घं 34 मि
- गुलिक काल
- 12:11–13:44 1 घं 34 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 08:25–09:16 50 मिनट 23:01–23:47 46 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 07:14–08:41 1 घं 27 मि
चौघड़िया
दिन
- रोग 05:55–07:29
- उद्वेग 07:29–09:03
- चल 09:03–10:37
- लाभ 10:37–12:11
- अमृत 12:11–13:44
- काल 13:44–15:18
- शुभ 15:18–16:52
- रोग 16:52–18:26
रात
- काल 18:26–19:52
- लाभ 19:52–21:18
- उद्वेग 21:18–22:44
- शुभ 22:44–00:10, 22 अप्रैल
- अमृत 00:10, 22 अप्रैल–01:36, 22 अप्रैल
- चल 01:36, 22 अप्रैल–03:03, 22 अप्रैल
- रोग 03:03, 22 अप्रैल–04:29, 22 अप्रैल
- काल 04:29, 22 अप्रैल–05:55, 22 अप्रैल
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- वैशाख
- मास (अमांत)
- वैशाख
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- विक्रम संवत
- 2083
- शक संवत
- 1948
- ऋतु
- वसन्त
- सूर्य राशि
- मेष
- चंद्र राशि
- वृषभ
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
21 अप्रैल 2026 को कौन सी तिथि है?
21 अप्रैल 2026 को शुक्ल पंचमी है, जो 01:20, 22 अप्रैल बजे तक रहती है। (तिरुपति)
21 अप्रैल 2026 को नक्षत्र कौन सा है?
मृगशिरा नक्षत्र 23:58 बजे तक रहता है। (तिरुपति)
21 अप्रैल 2026 को राहु काल कब है?
तिरुपति में राहु काल 15:18 से 16:52 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
21 अप्रैल 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
तिरुपति में सूर्योदय 05:55 बजे और सूर्यास्त 18:26 बजे है।