सूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 03:54–04:42
दिन 05:30–18:23 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 03:54–04:42 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:31–12:22 52 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 15:58–17:25 1 घं 27 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 15:10–16:47 1 घं 37 मि
- यमगण्ड
- 08:43–10:20 1 घं 37 मि
- गुलिक काल
- 11:57–13:33 1 घं 37 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 08:04–08:56 52 मिनट 22:50–23:34 44 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 07:14–08:41 1 घं 27 मि
चौघड़िया
दिन
- रोग 05:30–07:06
- उद्वेग 07:06–08:43
- चल 08:43–10:20
- लाभ 10:20–11:57
- अमृत 11:57–13:33
- काल 13:33–15:10
- शुभ 15:10–16:47
- रोग 16:47–18:23
रात
- काल 18:23–19:46
- लाभ 19:46–21:10
- उद्वेग 21:10–22:33
- शुभ 22:33–23:56
- अमृत 23:56–01:19, 22 अप्रैल
- चल 01:19, 22 अप्रैल–02:42, 22 अप्रैल
- रोग 02:42, 22 अप्रैल–04:06, 22 अप्रैल
- काल 04:06, 22 अप्रैल–05:29, 22 अप्रैल
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- वैशाख
- मास (अमांत)
- वैशाख
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- विक्रम संवत
- 2083
- शक संवत
- 1948
- ऋतु
- वसन्त
- सूर्य राशि
- मेष
- चंद्र राशि
- वृषभ
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
21 अप्रैल 2026 को कौन सी तिथि है?
21 अप्रैल 2026 को शुक्ल पंचमी है, जो 01:20, 22 अप्रैल बजे तक रहती है। (वाराणसी)
21 अप्रैल 2026 को नक्षत्र कौन सा है?
मृगशिरा नक्षत्र 23:58 बजे तक रहता है। (वाराणसी)
21 अप्रैल 2026 को राहु काल कब है?
वाराणसी में राहु काल 15:10 से 16:47 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
21 अप्रैल 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
वाराणसी में सूर्योदय 05:30 बजे और सूर्यास्त 18:23 बजे है।