विवाह पंचमी
त्योहारसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:37–05:25
दिन 06:13–17:08 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:37–05:25 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:19–12:03 44 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 00:19, 15 दिसम्बर–02:06, 15 दिसम्बर 1 घं 47 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 07:35–08:57 1 घं 22 मि
- यमगण्ड
- 10:19–11:41 1 घं 22 मि
- गुलिक काल
- 13:03–14:25 1 घं 22 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 12:03–12:46 44 मिनट 14:14–14:57 44 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 13:39–15:25 1 घं 47 मि
चौघड़िया
दिन
- अमृत 06:13–07:35
- काल 07:35–08:57
- शुभ 08:57–10:19
- रोग 10:19–11:41
- उद्वेग 11:41–13:03
- चल 13:03–14:25
- लाभ 14:25–15:46
- अमृत 15:46–17:08
रात
- चल 17:08–18:47
- रोग 18:47–20:25
- काल 20:25–22:03
- लाभ 22:03–23:41
- उद्वेग 23:41–01:19, 15 दिसम्बर
- शुभ 01:19, 15 दिसम्बर–02:57, 15 दिसम्बर
- अमृत 02:57, 15 दिसम्बर–04:35, 15 दिसम्बर
- चल 04:35, 15 दिसम्बर–06:14, 15 दिसम्बर
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- मार्गशीर्ष
- मास (अमांत)
- मार्गशीर्ष
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- विक्रम संवत
- 2083
- शक संवत
- 1948
- ऋतु
- हेमन्त
- सूर्य राशि
- वृश्चिक
- चंद्र राशि
- मकर
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
14 दिसम्बर 2026 को कौन सी तिथि है?
14 दिसम्बर 2026 को शुक्ल पंचमी है, जो 19:16 बजे तक रहती है। (भुवनेश्वर)
14 दिसम्बर 2026 को नक्षत्र कौन सा है?
श्रवण नक्षत्र 09:12 बजे तक रहता है। (भुवनेश्वर)
14 दिसम्बर 2026 को राहु काल कब है?
भुवनेश्वर में राहु काल 07:35 से 08:57 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
14 दिसम्बर 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
भुवनेश्वर में सूर्योदय 06:13 बजे और सूर्यास्त 17:08 बजे है।