विवाह पंचमी
त्योहारसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 05:23–06:11
दिन 06:59–17:43 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 05:23–06:11 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:59–12:42 43 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 00:19, 15 दिसम्बर–02:06, 15 दिसम्बर 1 घं 47 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 08:19–09:40 1 घं 20 मि
- यमगण्ड
- 11:00–12:21 1 घं 20 मि
- गुलिक काल
- 13:41–15:02 1 घं 20 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 12:42–13:25 43 मिनट 14:51–15:34 43 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 13:39–15:25 1 घं 47 मि
चौघड़िया
दिन
- अमृत 06:59–08:19
- काल 08:19–09:40
- शुभ 09:40–11:00
- रोग 11:00–12:21
- उद्वेग 12:21–13:41
- चल 13:41–15:02
- लाभ 15:02–16:22
- अमृत 16:22–17:43
रात
- चल 17:43–19:22
- रोग 19:22–21:02
- काल 21:02–22:42
- लाभ 22:42–00:21, 15 दिसम्बर
- उद्वेग 00:21, 15 दिसम्बर–02:01, 15 दिसम्बर
- शुभ 02:01, 15 दिसम्बर–03:40, 15 दिसम्बर
- अमृत 03:40, 15 दिसम्बर–05:20, 15 दिसम्बर
- चल 05:20, 15 दिसम्बर–07:00, 15 दिसम्बर
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- मार्गशीर्ष
- मास (अमांत)
- मार्गशीर्ष
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- विक्रम संवत
- 2083
- शक संवत
- 1948
- ऋतु
- हेमन्त
- सूर्य राशि
- वृश्चिक
- चंद्र राशि
- मकर
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
14 दिसम्बर 2026 को कौन सी तिथि है?
14 दिसम्बर 2026 को शुक्ल पंचमी है, जो 19:16 बजे तक रहती है। (उज्जैन)
14 दिसम्बर 2026 को नक्षत्र कौन सा है?
श्रवण नक्षत्र 09:12 बजे तक रहता है। (उज्जैन)
14 दिसम्बर 2026 को राहु काल कब है?
उज्जैन में राहु काल 08:19 से 09:40 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
14 दिसम्बर 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
उज्जैन में सूर्योदय 06:59 बजे और सूर्यास्त 17:43 बजे है।