वट सावित्री व्रत
व्रतसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 03:47–04:35
दिन 05:23–19:11 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 03:47–04:35 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:50–12:45 55 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 07:00–08:29 1 घं 29 मि 04:07, 5 जून–05:35, 5 जून 1 घं 27 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 10:34–12:17 1 घं 43 मि
- यमगण्ड
- 15:44–17:28 1 घं 43 मि
- गुलिक काल
- 07:07–08:50 1 घं 43 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 08:09–09:04 55 मिनट 12:45–13:40 55 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 23:46–01:13, 5 जून 1 घं 27 मि
चौघड़िया
दिन
- चल 05:23–07:07
- लाभ 07:07–08:50
- अमृत 08:50–10:34
- काल 10:34–12:17
- शुभ 12:17–14:01
- रोग 14:01–15:44
- उद्वेग 15:44–17:28
- चल 17:28–19:11
रात
- रोग 19:11–20:28
- काल 20:28–21:44
- लाभ 21:44–23:01
- उद्वेग 23:01–00:17, 5 जून
- शुभ 00:17, 5 जून–01:34, 5 जून
- अमृत 01:34, 5 जून–02:50, 5 जून
- चल 02:50, 5 जून–04:07, 5 जून
- रोग 04:07, 5 जून–05:23, 5 जून
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- ज्येष्ठ
- मास (अमांत)
- वैशाख
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2084
- शक संवत
- 1949
- ऋतु
- वसन्त
- सूर्य राशि
- वृषभ
- चंद्र राशि
- वृषभ
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
4 जून 2027 को कौन सी तिथि है?
4 जून 2027 को कृष्ण अमावस्या है, जो 01:10, 5 जून बजे तक रहती है। (मथुरा)
4 जून 2027 को नक्षत्र कौन सा है?
कृत्तिका नक्षत्र 09:14 बजे तक रहता है। (मथुरा)
4 जून 2027 को राहु काल कब है?
मथुरा में राहु काल 10:34 से 12:17 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
4 जून 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
मथुरा में सूर्योदय 05:23 बजे और सूर्यास्त 19:11 बजे है।