वट सावित्री व्रत
व्रतसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 03:35–04:23
दिन 05:11–18:50 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 03:35–04:23 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:33–12:28 55 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 07:00–08:29 1 घं 29 मि 04:07, 5 जून–05:35, 5 जून 1 घं 27 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 10:18–12:00 1 घं 42 मि
- यमगण्ड
- 15:25–17:08 1 घं 42 मि
- गुलिक काल
- 06:53–08:36 1 घं 42 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 07:55–08:49 55 मिनट 12:28–13:22 55 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 23:46–01:13, 5 जून 1 घं 27 मि
चौघड़िया
दिन
- चल 05:11–06:53
- लाभ 06:53–08:36
- अमृत 08:36–10:18
- काल 10:18–12:00
- शुभ 12:00–13:43
- रोग 13:43–15:25
- उद्वेग 15:25–17:08
- चल 17:08–18:50
रात
- रोग 18:50–20:08
- काल 20:08–21:25
- लाभ 21:25–22:43
- उद्वेग 22:43–00:00, 5 जून
- शुभ 00:00, 5 जून–01:18, 5 जून
- अमृत 01:18, 5 जून–02:36, 5 जून
- चल 02:36, 5 जून–03:53, 5 जून
- रोग 03:53, 5 जून–05:11, 5 जून
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- ज्येष्ठ
- मास (अमांत)
- वैशाख
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2084
- शक संवत
- 1949
- ऋतु
- वसन्त
- सूर्य राशि
- वृषभ
- चंद्र राशि
- वृषभ
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
4 जून 2027 को कौन सी तिथि है?
4 जून 2027 को कृष्ण अमावस्या है, जो 01:10, 5 जून बजे तक रहती है। (प्रयागराज)
4 जून 2027 को नक्षत्र कौन सा है?
कृत्तिका नक्षत्र 09:14 बजे तक रहता है। (प्रयागराज)
4 जून 2027 को राहु काल कब है?
प्रयागराज में राहु काल 10:18 से 12:00 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
4 जून 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
प्रयागराज में सूर्योदय 05:11 बजे और सूर्यास्त 18:50 बजे है।