अमावस्या
व्रतसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 03:34–04:22
दिन 05:10–18:31 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 03:34–04:22 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:24–12:17 53 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- —
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 16:51–18:31 1 घं 40 मि
- यमगण्ड
- 11:51–13:31 1 घं 40 मि
- गुलिक काल
- 15:11–16:51 1 घं 40 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 16:44–17:37 53 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 22:44–00:09, 5 जुलाई 1 घं 25 मि
चौघड़िया
दिन
- उद्वेग 05:10–06:50
- चल 06:50–08:31
- लाभ 08:31–10:11
- अमृत 10:11–11:51
- काल 11:51–13:31
- शुभ 13:31–15:11
- रोग 15:11–16:51
- उद्वेग 16:51–18:31
रात
- शुभ 18:31–19:51
- अमृत 19:51–21:11
- चल 21:11–22:31
- रोग 22:31–23:51
- काल 23:51–01:11, 5 जुलाई
- लाभ 01:11, 5 जुलाई–02:31, 5 जुलाई
- उद्वेग 02:31, 5 जुलाई–03:51, 5 जुलाई
- शुभ 03:51, 5 जुलाई–05:11, 5 जुलाई
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- आषाढ़
- मास (अमांत)
- ज्येष्ठ
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2084
- शक संवत
- 1949
- ऋतु
- ग्रीष्म
- सूर्य राशि
- मिथुन
- चंद्र राशि
- मिथुन
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
4 जुलाई 2027 को कौन सी तिथि है?
4 जुलाई 2027 को कृष्ण अमावस्या है, जो 08:32 बजे तक रहती है। (भुवनेश्वर)
4 जुलाई 2027 को नक्षत्र कौन सा है?
आर्द्रा नक्षत्र 12:10 बजे तक रहता है। (भुवनेश्वर)
4 जुलाई 2027 को राहु काल कब है?
भुवनेश्वर में राहु काल 16:51 से 18:31 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
4 जुलाई 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
भुवनेश्वर में सूर्योदय 05:10 बजे और सूर्यास्त 18:31 बजे है।