अमावस्या
व्रतसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:21–05:09
दिन 05:57–19:25 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:21–05:09 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 12:14–13:08 54 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- —
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 17:44–19:25 1 घं 41 मि
- यमगण्ड
- 12:41–14:22 1 घं 41 मि
- गुलिक काल
- 16:03–17:44 1 घं 41 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 17:37–18:31 54 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 22:44–00:09, 5 जुलाई 1 घं 25 मि
चौघड़िया
दिन
- उद्वेग 05:57–07:38
- चल 07:38–09:19
- लाभ 09:19–11:00
- अमृत 11:00–12:41
- काल 12:41–14:22
- शुभ 14:22–16:03
- रोग 16:03–17:44
- उद्वेग 17:44–19:25
रात
- शुभ 19:25–20:44
- अमृत 20:44–22:03
- चल 22:03–23:22
- रोग 23:22–00:41, 5 जुलाई
- काल 00:41, 5 जुलाई–02:00, 5 जुलाई
- लाभ 02:00, 5 जुलाई–03:19, 5 जुलाई
- उद्वेग 03:19, 5 जुलाई–04:38, 5 जुलाई
- शुभ 04:38, 5 जुलाई–05:57, 5 जुलाई
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- आषाढ़
- मास (अमांत)
- ज्येष्ठ
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2084
- शक संवत
- 1949
- ऋतु
- ग्रीष्म
- सूर्य राशि
- मिथुन
- चंद्र राशि
- मिथुन
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
4 जुलाई 2027 को कौन सी तिथि है?
4 जुलाई 2027 को कृष्ण अमावस्या है, जो 08:32 बजे तक रहती है। (वडोदरा)
4 जुलाई 2027 को नक्षत्र कौन सा है?
आर्द्रा नक्षत्र 12:10 बजे तक रहता है। (वडोदरा)
4 जुलाई 2027 को राहु काल कब है?
वडोदरा में राहु काल 17:44 से 19:25 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
4 जुलाई 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
वडोदरा में सूर्योदय 05:57 बजे और सूर्यास्त 19:25 बजे है।