दत्तात्रेय जयंती
जयंतीसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:36–05:24
दिन 06:12–17:08 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:36–05:24 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:18–12:02 44 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 12:14–13:44 1 घं 30 मि 05:17, 14 दिसम्बर–06:46, 14 दिसम्बर 1 घं 29 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 07:34–08:56 1 घं 22 मि
- यमगण्ड
- 10:18–11:40 1 घं 22 मि
- गुलिक काल
- 13:02–14:24 1 घं 22 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 12:02–12:46 44 मिनट 14:13–14:57 44 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 07:44–09:14 1 घं 30 मि 20:25–21:54 1 घं 29 मि
चौघड़िया
दिन
- अमृत 06:12–07:34
- काल 07:34–08:56
- शुभ 08:56–10:18
- रोग 10:18–11:40
- उद्वेग 11:40–13:02
- चल 13:02–14:24
- लाभ 14:24–15:46
- अमृत 15:46–17:08
रात
- चल 17:08–18:46
- रोग 18:46–20:24
- काल 20:24–22:02
- लाभ 22:02–23:40
- उद्वेग 23:40–01:19, 14 दिसम्बर
- शुभ 01:19, 14 दिसम्बर–02:57, 14 दिसम्बर
- अमृत 02:57, 14 दिसम्बर–04:35, 14 दिसम्बर
- चल 04:35, 14 दिसम्बर–06:13, 14 दिसम्बर
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- मार्गशीर्ष
- मास (अमांत)
- मार्गशीर्ष
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- विक्रम संवत
- 2084
- शक संवत
- 1949
- ऋतु
- हेमन्त
- सूर्य राशि
- वृश्चिक
- चंद्र राशि
- वृषभ
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
13 दिसम्बर 2027 को कौन सी तिथि है?
13 दिसम्बर 2027 को शुक्ल पूर्णिमा है, जो 21:38 बजे तक रहती है। (भुवनेश्वर)
13 दिसम्बर 2027 को नक्षत्र कौन सा है?
रोहिणी नक्षत्र 15:15 बजे तक रहता है। (भुवनेश्वर)
13 दिसम्बर 2027 को राहु काल कब है?
भुवनेश्वर में राहु काल 07:34 से 08:56 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
13 दिसम्बर 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
भुवनेश्वर में सूर्योदय 06:12 बजे और सूर्यास्त 17:08 बजे है।