दत्तात्रेय जयंती
जयंतीसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 05:30–06:18
दिन 07:06–17:58 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 05:30–06:18 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 12:10–12:54 43 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 12:14–13:44 1 घं 30 मि 05:17, 14 दिसम्बर–06:46, 14 दिसम्बर 1 घं 29 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 08:27–09:49 1 घं 22 मि
- यमगण्ड
- 11:11–12:32 1 घं 22 मि
- गुलिक काल
- 13:54–15:15 1 घं 22 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 12:54–13:37 43 मिनट 15:04–15:48 43 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 07:44–09:14 1 घं 30 मि 20:25–21:54 1 घं 29 मि
चौघड़िया
दिन
- अमृत 07:06–08:27
- काल 08:27–09:49
- शुभ 09:49–11:11
- रोग 11:11–12:32
- उद्वेग 12:32–13:54
- चल 13:54–15:15
- लाभ 15:15–16:37
- अमृत 16:37–17:58
रात
- चल 17:58–19:37
- रोग 19:37–21:15
- काल 21:15–22:54
- लाभ 22:54–00:32, 14 दिसम्बर
- उद्वेग 00:32, 14 दिसम्बर–02:11, 14 दिसम्बर
- शुभ 02:11, 14 दिसम्बर–03:49, 14 दिसम्बर
- अमृत 03:49, 14 दिसम्बर–05:28, 14 दिसम्बर
- चल 05:28, 14 दिसम्बर–07:07, 14 दिसम्बर
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- मार्गशीर्ष
- मास (अमांत)
- मार्गशीर्ष
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- विक्रम संवत
- 2084
- शक संवत
- 1949
- ऋतु
- हेमन्त
- सूर्य राशि
- वृश्चिक
- चंद्र राशि
- वृषभ
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
13 दिसम्बर 2027 को कौन सी तिथि है?
13 दिसम्बर 2027 को शुक्ल पूर्णिमा है, जो 21:38 बजे तक रहती है। (सूरत)
13 दिसम्बर 2027 को नक्षत्र कौन सा है?
रोहिणी नक्षत्र 15:15 बजे तक रहता है। (सूरत)
13 दिसम्बर 2027 को राहु काल कब है?
सूरत में राहु काल 08:27 से 09:49 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
13 दिसम्बर 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूरत में सूर्योदय 07:06 बजे और सूर्यास्त 17:58 बजे है।