अजा एकादशी
व्रतसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:46–05:34
दिन 06:22–18:52 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:46–05:34 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 12:12–13:02 50 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 03:42, 5 सितम्बर–05:19, 5 सितम्बर 1 घं 37 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 15:44–17:18 1 घं 34 मि
- यमगण्ड
- 09:30–11:03 1 घं 34 मि
- गुलिक काल
- 12:37–14:11 1 घं 34 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 08:52–09:42 50 मिनट 23:28–00:14, 5 सितम्बर 46 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 18:00–19:37 1 घं 37 मि
चौघड़िया
दिन
- रोग 06:22–07:56
- उद्वेग 07:56–09:30
- चल 09:30–11:03
- लाभ 11:03–12:37
- अमृत 12:37–14:11
- काल 14:11–15:44
- शुभ 15:44–17:18
- रोग 17:18–18:52
रात
- काल 18:52–20:18
- लाभ 20:18–21:44
- उद्वेग 21:44–23:11
- शुभ 23:11–00:37, 5 सितम्बर
- अमृत 00:37, 5 सितम्बर–02:04, 5 सितम्बर
- चल 02:04, 5 सितम्बर–03:30, 5 सितम्बर
- रोग 03:30, 5 सितम्बर–04:56, 5 सितम्बर
- काल 04:56, 5 सितम्बर–06:23, 5 सितम्बर
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- भाद्रपद
- मास (अमांत)
- श्रावण
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2086
- शक संवत
- 1951
- ऋतु
- वर्षा
- सूर्य राशि
- सिंह
- चंद्र राशि
- मिथुन
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
4 सितम्बर 2029 को कौन सी तिथि है?
4 सितम्बर 2029 को कृष्ण एकादशी है, जो 00:36, 5 सितम्बर बजे तक रहती है। (सूरत)
4 सितम्बर 2029 को नक्षत्र कौन सा है?
पुनर्वसु नक्षत्र 06:08, 5 सितम्बर बजे तक रहता है। (सूरत)
4 सितम्बर 2029 को राहु काल कब है?
सूरत में राहु काल 15:44 से 17:18 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
4 सितम्बर 2029 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूरत में सूर्योदय 06:22 बजे और सूर्यास्त 18:52 बजे है।