अजा एकादशी
व्रतसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:24–05:12
दिन 06:00–18:21 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:24–05:12 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:46–12:35 49 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 03:42, 5 सितम्बर–05:19, 5 सितम्बर 1 घं 37 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 15:16–16:48 1 घं 33 मि
- यमगण्ड
- 09:06–10:38 1 घं 33 मि
- गुलिक काल
- 12:11–13:43 1 घं 33 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 08:29–09:18 49 मिनट 23:01–23:47 47 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 18:00–19:37 1 घं 37 मि
चौघड़िया
दिन
- रोग 06:00–07:33
- उद्वेग 07:33–09:06
- चल 09:06–10:38
- लाभ 10:38–12:11
- अमृत 12:11–13:43
- काल 13:43–15:16
- शुभ 15:16–16:48
- रोग 16:48–18:21
रात
- काल 18:21–19:48
- लाभ 19:48–21:16
- उद्वेग 21:16–22:43
- शुभ 22:43–00:11, 5 सितम्बर
- अमृत 00:11, 5 सितम्बर–01:38, 5 सितम्बर
- चल 01:38, 5 सितम्बर–03:06, 5 सितम्बर
- रोग 03:06, 5 सितम्बर–04:33, 5 सितम्बर
- काल 04:33, 5 सितम्बर–06:00, 5 सितम्बर
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- भाद्रपद
- मास (अमांत)
- श्रावण
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2086
- शक संवत
- 1951
- ऋतु
- वर्षा
- सूर्य राशि
- सिंह
- चंद्र राशि
- मिथुन
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
4 सितम्बर 2029 को कौन सी तिथि है?
4 सितम्बर 2029 को कृष्ण एकादशी है, जो 00:36, 5 सितम्बर बजे तक रहती है। (तिरुपति)
4 सितम्बर 2029 को नक्षत्र कौन सा है?
पुनर्वसु नक्षत्र 06:08, 5 सितम्बर बजे तक रहता है। (तिरुपति)
4 सितम्बर 2029 को राहु काल कब है?
तिरुपति में राहु काल 15:16 से 16:48 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
4 सितम्बर 2029 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
तिरुपति में सूर्योदय 06:00 बजे और सूर्यास्त 18:21 बजे है।