षटतिला एकादशी (वैष्णव)
व्रतसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 05:39–06:27
दिन 07:15–17:57 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 05:39–06:27 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- —
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 00:49, 31 जनवरी–02:20, 31 जनवरी 1 घं 31 मि
बुधवार को अभिजित मुहूर्त नहीं होता।
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 12:36–13:56 1 घं 20 मि
- यमगण्ड
- 08:35–09:55 1 घं 20 मि
- गुलिक काल
- 11:16–12:36 1 घं 20 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 12:14–12:57 43 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 15:45–17:16 1 घं 31 मि 05:22, 31 जनवरी–06:52, 31 जनवरी 1 घं 31 मि
चौघड़िया
दिन
- लाभ 07:15–08:35
- अमृत 08:35–09:55
- काल 09:55–11:16
- शुभ 11:16–12:36
- रोग 12:36–13:56
- उद्वेग 13:56–15:16
- चल 15:16–16:36
- लाभ 16:36–17:57
रात
- उद्वेग 17:57–19:36
- शुभ 19:36–21:16
- अमृत 21:16–22:56
- चल 22:56–00:35, 31 जनवरी
- रोग 00:35, 31 जनवरी–02:15, 31 जनवरी
- काल 02:15, 31 जनवरी–03:55, 31 जनवरी
- लाभ 03:55, 31 जनवरी–05:35, 31 जनवरी
- उद्वेग 05:35, 31 जनवरी–07:14, 31 जनवरी
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- माघ
- मास (अमांत)
- पौष
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2086
- शक संवत
- 1951
- ऋतु
- हेमन्त
- सूर्य राशि
- मकर
- चंद्र राशि
- वृश्चिक
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
30 जनवरी 2030 को कौन सी तिथि है?
30 जनवरी 2030 को कृष्ण द्वादशी है, जो 02:26, 31 जनवरी बजे तक रहती है। (चंडीगढ़)
30 जनवरी 2030 को नक्षत्र कौन सा है?
ज्येष्ठा नक्षत्र 08:11 बजे तक रहता है। (चंडीगढ़)
30 जनवरी 2030 को राहु काल कब है?
चंडीगढ़ में राहु काल 12:36 से 13:56 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
30 जनवरी 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
चंडीगढ़ में सूर्योदय 07:15 बजे और सूर्यास्त 17:57 बजे है।