षटतिला एकादशी (वैष्णव)
व्रतसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 05:05–05:53
दिन 06:41–17:41 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 05:05–05:53 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- —
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 00:49, 31 जनवरी–02:20, 31 जनवरी 1 घं 31 मि
बुधवार को अभिजित मुहूर्त नहीं होता।
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 12:11–13:33 1 घं 22 मि
- यमगण्ड
- 08:04–09:26 1 घं 22 मि
- गुलिक काल
- 10:49–12:11 1 घं 22 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 11:49–12:33 44 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 15:45–17:16 1 घं 31 मि 05:22, 31 जनवरी–06:52, 31 जनवरी 1 घं 31 मि
चौघड़िया
दिन
- लाभ 06:41–08:04
- अमृत 08:04–09:26
- काल 09:26–10:49
- शुभ 10:49–12:11
- रोग 12:11–13:33
- उद्वेग 13:33–14:56
- चल 14:56–16:18
- लाभ 16:18–17:41
रात
- उद्वेग 17:41–19:18
- शुभ 19:18–20:56
- अमृत 20:56–22:33
- चल 22:33–00:11, 31 जनवरी
- रोग 00:11, 31 जनवरी–01:48, 31 जनवरी
- काल 01:48, 31 जनवरी–03:26, 31 जनवरी
- लाभ 03:26, 31 जनवरी–05:03, 31 जनवरी
- उद्वेग 05:03, 31 जनवरी–06:41, 31 जनवरी
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- माघ
- मास (अमांत)
- पौष
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2086
- शक संवत
- 1951
- ऋतु
- हेमन्त
- सूर्य राशि
- मकर
- चंद्र राशि
- वृश्चिक
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
30 जनवरी 2030 को कौन सी तिथि है?
30 जनवरी 2030 को कृष्ण द्वादशी है, जो 02:26, 31 जनवरी बजे तक रहती है। (वाराणसी)
30 जनवरी 2030 को नक्षत्र कौन सा है?
ज्येष्ठा नक्षत्र 08:11 बजे तक रहता है। (वाराणसी)
30 जनवरी 2030 को राहु काल कब है?
वाराणसी में राहु काल 12:11 से 13:33 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
30 जनवरी 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
वाराणसी में सूर्योदय 06:41 बजे और सूर्यास्त 17:41 बजे है।