सूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 05:15–06:03
दिन 06:51–17:48 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 05:15–06:03 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:57–12:41 44 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 22:40–00:12, 2 फ़रवरी 1 घं 32 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 10:57–12:19 1 घं 22 मि
- यमगण्ड
- 15:04–16:26 1 घं 22 मि
- गुलिक काल
- 08:13–09:35 1 घं 22 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 09:02–09:46 44 मिनट 12:41–13:25 44 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 13:25–14:58 1 घं 32 मि
चौघड़िया
दिन
- चल 06:51–08:13
- लाभ 08:13–09:35
- अमृत 09:35–10:57
- काल 10:57–12:19
- शुभ 12:19–13:41
- रोग 13:41–15:04
- उद्वेग 15:04–16:26
- चल 16:26–17:48
रात
- रोग 17:48–19:26
- काल 19:26–21:03
- लाभ 21:03–22:41
- उद्वेग 22:41–00:19, 2 फ़रवरी
- शुभ 00:19, 2 फ़रवरी–01:57, 2 फ़रवरी
- अमृत 01:57, 2 फ़रवरी–03:35, 2 फ़रवरी
- चल 03:35, 2 फ़रवरी–05:13, 2 फ़रवरी
- रोग 05:13, 2 फ़रवरी–06:50, 2 फ़रवरी
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- माघ
- मास (अमांत)
- पौष
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2086
- शक संवत
- 1951
- ऋतु
- हेमन्त
- सूर्य राशि
- मकर
- चंद्र राशि
- धनु
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1 फ़रवरी 2030 को कौन सी तिथि है?
1 फ़रवरी 2030 को कृष्ण चतुर्दशी है, जो 22:56 बजे तक रहती है। (लखनऊ)
1 फ़रवरी 2030 को नक्षत्र कौन सा है?
उत्तराषाढ़ा नक्षत्र 04:49, 2 फ़रवरी बजे तक रहता है। (लखनऊ)
1 फ़रवरी 2030 को राहु काल कब है?
लखनऊ में राहु काल 10:57 से 12:19 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
1 फ़रवरी 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
लखनऊ में सूर्योदय 06:51 बजे और सूर्यास्त 17:48 बजे है।