सूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 05:09–05:57
दिन 06:45–17:46 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 05:09–05:57 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:54–12:38 44 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 22:40–00:12, 2 फ़रवरी 1 घं 32 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 10:53–12:16 1 घं 23 मि
- यमगण्ड
- 15:01–16:24 1 घं 23 मि
- गुलिक काल
- 08:08–09:31 1 घं 23 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 08:57–09:42 44 मिनट 12:38–13:22 44 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 13:25–14:58 1 घं 32 मि
चौघड़िया
दिन
- चल 06:45–08:08
- लाभ 08:08–09:31
- अमृत 09:31–10:53
- काल 10:53–12:16
- शुभ 12:16–13:38
- रोग 13:38–15:01
- उद्वेग 15:01–16:24
- चल 16:24–17:46
रात
- रोग 17:46–19:24
- काल 19:24–21:01
- लाभ 21:01–22:38
- उद्वेग 22:38–00:16, 2 फ़रवरी
- शुभ 00:16, 2 फ़रवरी–01:53, 2 फ़रवरी
- अमृत 01:53, 2 फ़रवरी–03:30, 2 फ़रवरी
- चल 03:30, 2 फ़रवरी–05:07, 2 फ़रवरी
- रोग 05:07, 2 फ़रवरी–06:45, 2 फ़रवरी
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- माघ
- मास (अमांत)
- पौष
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2086
- शक संवत
- 1951
- ऋतु
- हेमन्त
- सूर्य राशि
- मकर
- चंद्र राशि
- धनु
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1 फ़रवरी 2030 को कौन सी तिथि है?
1 फ़रवरी 2030 को कृष्ण चतुर्दशी है, जो 22:56 बजे तक रहती है। (प्रयागराज)
1 फ़रवरी 2030 को नक्षत्र कौन सा है?
उत्तराषाढ़ा नक्षत्र 04:49, 2 फ़रवरी बजे तक रहता है। (प्रयागराज)
1 फ़रवरी 2030 को राहु काल कब है?
प्रयागराज में राहु काल 10:53 से 12:16 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
1 फ़रवरी 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
प्रयागराज में सूर्योदय 06:45 बजे और सूर्यास्त 17:46 बजे है।