मौनी अमावस्या
व्रतसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 05:35–06:23
दिन 07:11–18:09 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 05:35–06:23 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 12:18–13:02 44 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 18:06–19:40 1 घं 34 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 09:56–11:18 1 घं 22 मि
- यमगण्ड
- 14:02–15:25 1 घं 22 मि
- गुलिक काल
- 07:11–08:34 1 घं 22 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 07:11–07:55 44 मिनट 07:55–08:39 44 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 08:44–10:17 1 घं 34 मि
चौघड़िया
दिन
- काल 07:11–08:34
- शुभ 08:34–09:56
- रोग 09:56–11:18
- उद्वेग 11:18–12:40
- चल 12:40–14:02
- लाभ 14:02–15:25
- अमृत 15:25–16:47
- काल 16:47–18:09
रात
- लाभ 18:09–19:47
- उद्वेग 19:47–21:24
- शुभ 21:24–23:02
- अमृत 23:02–00:40, 3 फ़रवरी
- चल 00:40, 3 फ़रवरी–02:18, 3 फ़रवरी
- रोग 02:18, 3 फ़रवरी–03:55, 3 फ़रवरी
- काल 03:55, 3 फ़रवरी–05:33, 3 फ़रवरी
- लाभ 05:33, 3 फ़रवरी–07:11, 3 फ़रवरी
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- माघ
- मास (अमांत)
- पौष
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2086
- शक संवत
- 1951
- ऋतु
- हेमन्त
- सूर्य राशि
- मकर
- चंद्र राशि
- मकर
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
2 फ़रवरी 2030 को कौन सी तिथि है?
2 फ़रवरी 2030 को कृष्ण अमावस्या है, जो 21:37 बजे तक रहती है। (जयपुर)
2 फ़रवरी 2030 को नक्षत्र कौन सा है?
श्रवण नक्षत्र 04:16, 3 फ़रवरी बजे तक रहता है। (जयपुर)
2 फ़रवरी 2030 को राहु काल कब है?
जयपुर में राहु काल 09:56 से 11:18 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
2 फ़रवरी 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
जयपुर में सूर्योदय 07:11 बजे और सूर्यास्त 18:09 बजे है।