मौनी अमावस्या
व्रतसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 05:03–05:51
दिन 06:39–18:13 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 05:03–05:51 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 12:02–12:49 46 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 18:06–19:40 1 घं 34 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 09:32–10:59 1 घं 27 मि
- यमगण्ड
- 13:52–15:19 1 घं 27 मि
- गुलिक काल
- 06:39–08:05 1 घं 27 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 06:39–07:25 46 मिनट 07:25–08:11 46 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 08:44–10:17 1 घं 34 मि
चौघड़िया
दिन
- काल 06:39–08:05
- शुभ 08:05–09:32
- रोग 09:32–10:59
- उद्वेग 10:59–12:26
- चल 12:26–13:52
- लाभ 13:52–15:19
- अमृत 15:19–16:46
- काल 16:46–18:13
रात
- लाभ 18:13–19:46
- उद्वेग 19:46–21:19
- शुभ 21:19–22:52
- अमृत 22:52–00:25, 3 फ़रवरी
- चल 00:25, 3 फ़रवरी–01:59, 3 फ़रवरी
- रोग 01:59, 3 फ़रवरी–03:32, 3 फ़रवरी
- काल 03:32, 3 फ़रवरी–05:05, 3 फ़रवरी
- लाभ 05:05, 3 फ़रवरी–06:38, 3 फ़रवरी
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- माघ
- मास (अमांत)
- पौष
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2086
- शक संवत
- 1951
- ऋतु
- हेमन्त
- सूर्य राशि
- मकर
- चंद्र राशि
- मकर
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
2 फ़रवरी 2030 को कौन सी तिथि है?
2 फ़रवरी 2030 को कृष्ण अमावस्या है, जो 21:37 बजे तक रहती है। (तिरुपति)
2 फ़रवरी 2030 को नक्षत्र कौन सा है?
श्रवण नक्षत्र 04:16, 3 फ़रवरी बजे तक रहता है। (तिरुपति)
2 फ़रवरी 2030 को राहु काल कब है?
तिरुपति में राहु काल 09:32 से 10:59 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
2 फ़रवरी 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
तिरुपति में सूर्योदय 06:39 बजे और सूर्यास्त 18:13 बजे है।