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विक्रम संवत 2086 · शक संवत 1951 · फाल्गुन · शिशिर ऋतु

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3 मार्च 2030

रविवार · फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी, अमावस्या

› माह

सूर्य और चंद्र

सूर्योदय
06:34
दिनमान 11 घं 54 मि
सूर्यास्त
18:28
चंद्रोदय
06:20
चंद्रास्त
17:41

दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर

सूर्योदय 06:34 सूर्यास्त 18:28 अगला सूर्योदय 06:34
शुभ मुहूर्त
अभिजित अमृत
12:07–12:55 05:42, 4 मार्च–07:21, 4 मार्च

पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:58–05:46

अशुभ काल
यमगण्ड गुलिक दुर्मुहूर्त राहु वर्ज्य
12:31–14:00 15:30–16:59 16:53–17:41 16:59–18:28 19:50–21:29
12 00

दिन 06:34–18:28 रात

पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

सूर्योदय 06:34 सूर्यास्त 18:28 अगला सूर्योदय 06:34
तिथि चंद्र दिवस
कृष्ण चतुर्दशी कृष्ण अमावस्या
12:01 12:04, 4 मार्च तक
नक्षत्र चंद्र का तारा
धनिष्ठा शतभिषा
12:26 13:07, 4 मार्च तक
योग सूर्य–चंद्र का अंतर
शिव सिद्ध
15:04 14:00, 4 मार्च तक
करण आधी तिथि
शकुनि चतुष्पाद नाग
12:01 23:59 12:04, 4 मार्च तक
वार रविवार
12 00

शुभ मुहूर्त

इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
04:58–05:46 48 मिनट
अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
12:07–12:55 48 मिनट
अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
05:42, 4 मार्च–07:21, 4 मार्च 1 घं 39 मि

अशुभ काल

इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें

राहु काल वार के अनुसार
16:59–18:28 1 घं 29 मि
यमगण्ड
12:31–14:00 1 घं 29 मि
गुलिक काल
15:30–16:59 1 घं 29 मि
दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
16:53–17:41 48 मिनट
वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
19:50–21:29 1 घं 39 मि

चौघड़िया

दिन

  • उद्वेग 06:34–08:03
  • चल 08:03–09:33
  • लाभ 09:33–11:02
  • अमृत 11:02–12:31
  • काल 12:31–14:00
  • शुभ 14:00–15:30
  • रोग 15:30–16:59
  • उद्वेग 16:59–18:28

रात

  • शुभ 18:28–19:59
  • अमृत 19:59–21:30
  • चल 21:30–23:00
  • रोग 23:00–00:31, 4 मार्च
  • काल 00:31, 4 मार्च–02:02, 4 मार्च
  • लाभ 02:02, 4 मार्च–03:32, 4 मार्च
  • उद्वेग 03:32, 4 मार्च–05:03, 4 मार्च
  • शुभ 05:03, 4 मार्च–06:34, 4 मार्च

मास, संवत और ऋतु

मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
मास (अमांत)
माघ
पक्ष
कृष्ण पक्ष
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951
ऋतु
शिशिर
सूर्य राशि
कुम्भ
चंद्र राशि
कुम्भ

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

3 मार्च 2030 को कौन सी तिथि है?

3 मार्च 2030 को कृष्ण चतुर्दशी है, जो 12:01 बजे तक रहती है। (बेंगलुरु)

3 मार्च 2030 को नक्षत्र कौन सा है?

धनिष्ठा नक्षत्र 12:26 बजे तक रहता है। (बेंगलुरु)

3 मार्च 2030 को राहु काल कब है?

बेंगलुरु में राहु काल 16:59 से 18:28 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।

3 मार्च 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

बेंगलुरु में सूर्योदय 06:34 बजे और सूर्यास्त 18:28 बजे है।