सूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 05:05–05:53
दिन 06:41–18:17 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 05:05–05:53 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 12:06–12:52 46 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 05:42, 4 मार्च–07:21, 4 मार्च 1 घं 39 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 16:50–18:17 1 घं 27 मि
- यमगण्ड
- 12:29–13:56 1 घं 27 मि
- गुलिक काल
- 15:23–16:50 1 घं 27 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 16:44–17:31 46 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 19:50–21:29 1 घं 39 मि
चौघड़िया
दिन
- उद्वेग 06:41–08:08
- चल 08:08–09:35
- लाभ 09:35–11:02
- अमृत 11:02–12:29
- काल 12:29–13:56
- शुभ 13:56–15:23
- रोग 15:23–16:50
- उद्वेग 16:50–18:17
रात
- शुभ 18:17–19:50
- अमृत 19:50–21:23
- चल 21:23–22:56
- रोग 22:56–00:28, 4 मार्च
- काल 00:28, 4 मार्च–02:01, 4 मार्च
- लाभ 02:01, 4 मार्च–03:34, 4 मार्च
- उद्वेग 03:34, 4 मार्च–05:07, 4 मार्च
- शुभ 05:07, 4 मार्च–06:40, 4 मार्च
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- फाल्गुन
- मास (अमांत)
- माघ
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2086
- शक संवत
- 1951
- ऋतु
- शिशिर
- सूर्य राशि
- कुम्भ
- चंद्र राशि
- कुम्भ
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
3 मार्च 2030 को कौन सी तिथि है?
3 मार्च 2030 को कृष्ण चतुर्दशी है, जो 12:01 बजे तक रहती है। (हरिद्वार)
3 मार्च 2030 को नक्षत्र कौन सा है?
धनिष्ठा नक्षत्र 12:26 बजे तक रहता है। (हरिद्वार)
3 मार्च 2030 को राहु काल कब है?
हरिद्वार में राहु काल 16:50 से 18:17 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
3 मार्च 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
हरिद्वार में सूर्योदय 06:41 बजे और सूर्यास्त 18:17 बजे है।