सूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:29–05:17
दिन 06:05–18:20 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:29–05:17 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:48–12:37 49 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 12:47–14:29 1 घं 42 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 07:37–09:09 1 घं 32 मि
- यमगण्ड
- 10:40–12:12 1 घं 32 मि
- गुलिक काल
- 13:44–15:16 1 घं 32 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 12:37–13:26 49 मिनट 15:04–15:53 49 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- —
चौघड़िया
दिन
- अमृत 06:05–07:37
- काल 07:37–09:09
- शुभ 09:09–10:40
- रोग 10:40–12:12
- उद्वेग 12:12–13:44
- चल 13:44–15:16
- लाभ 15:16–16:48
- अमृत 16:48–18:20
रात
- चल 18:20–19:48
- रोग 19:48–21:16
- काल 21:16–22:44
- लाभ 22:44–00:12, 2 अप्रैल
- उद्वेग 00:12, 2 अप्रैल–01:40, 2 अप्रैल
- शुभ 01:40, 2 अप्रैल–03:08, 2 अप्रैल
- अमृत 03:08, 2 अप्रैल–04:36, 2 अप्रैल
- चल 04:36, 2 अप्रैल–06:04, 2 अप्रैल
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- चैत्र
- मास (अमांत)
- फाल्गुन
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
- ऋतु
- शिशिर
- सूर्य राशि
- मीन
- चंद्र राशि
- कुम्भ
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1 अप्रैल 2030 को कौन सी तिथि है?
1 अप्रैल 2030 को कृष्ण चतुर्दशी है, जो 02:11, 2 अप्रैल बजे तक रहती है। (चेन्नई)
1 अप्रैल 2030 को नक्षत्र कौन सा है?
पूर्वा भाद्रपदा नक्षत्र 21:16 बजे तक रहता है। (चेन्नई)
1 अप्रैल 2030 को राहु काल कब है?
चेन्नई में राहु काल 07:37 से 09:09 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
1 अप्रैल 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
चेन्नई में सूर्योदय 06:05 बजे और सूर्यास्त 18:20 बजे है।