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विक्रम संवत 2087 · शक संवत 1952 · चैत्र · शिशिर ऋतु

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1 अप्रैल 2030

सोमवार · चैत्र कृष्ण चतुर्दशी, अमावस्या

› माह

सूर्य और चंद्र

सूर्योदय
05:49
दिनमान 12 घं 25 मि
सूर्यास्त
18:14
चंद्रोदय
05:09
चंद्रास्त
16:54

दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर

सूर्योदय 05:49 सूर्यास्त 18:14 अगला सूर्योदय 05:48
शुभ मुहूर्त
अभिजित अमृत
11:37–12:27 12:47–14:29

पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:13–05:01

अशुभ काल
राहु यमगण्ड दुर्मुहूर्त गुलिक दुर्मुहूर्त
07:22–08:55 10:29–12:02 12:27–13:16 13:35–15:08 14:56–15:45
12 00

दिन 05:49–18:14 रात

पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

सूर्योदय 05:49 सूर्यास्त 18:14 अगला सूर्योदय 05:48
तिथि चंद्र दिवस
कृष्ण चतुर्दशी कृष्ण अमावस्या
02:11, 2 अप्रैल 03:32, 3 अप्रैल तक
नक्षत्र चंद्र का तारा
पूर्वा भाद्रपदा उत्तरा भाद्रपदा
21:16 23:07, 2 अप्रैल तक
योग सूर्य–चंद्र का अंतर
शुक्ल ब्रह्म
19:28 19:22, 2 अप्रैल तक
करण आधी तिथि
विष्टि शकुनि चतुष्पाद
13:40 02:11, 2 अप्रैल 14:48, 2 अप्रैल तक
वार सोमवार
12 00

शुभ मुहूर्त

इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
04:13–05:01 48 मिनट
अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
11:37–12:27 50 मिनट
अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
12:47–14:29 1 घं 42 मि

अशुभ काल

इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें

राहु काल वार के अनुसार
07:22–08:55 1 घं 33 मि
यमगण्ड
10:29–12:02 1 घं 33 मि
गुलिक काल
13:35–15:08 1 घं 33 मि
दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
12:27–13:16 50 मिनट 14:56–15:45 50 मिनट
वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
—

चौघड़िया

दिन

  • अमृत 05:49–07:22
  • काल 07:22–08:55
  • शुभ 08:55–10:29
  • रोग 10:29–12:02
  • उद्वेग 12:02–13:35
  • चल 13:35–15:08
  • लाभ 15:08–16:41
  • अमृत 16:41–18:14

रात

  • चल 18:14–19:41
  • रोग 19:41–21:08
  • काल 21:08–22:34
  • लाभ 22:34–00:01, 2 अप्रैल
  • उद्वेग 00:01, 2 अप्रैल–01:28, 2 अप्रैल
  • शुभ 01:28, 2 अप्रैल–02:55, 2 अप्रैल
  • अमृत 02:55, 2 अप्रैल–04:21, 2 अप्रैल
  • चल 04:21, 2 अप्रैल–05:48, 2 अप्रैल

मास, संवत और ऋतु

मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
मास (अमांत)
फाल्गुन
पक्ष
कृष्ण पक्ष
विक्रम संवत
2087
शक संवत
1952
ऋतु
शिशिर
सूर्य राशि
मीन
चंद्र राशि
कुम्भ

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1 अप्रैल 2030 को कौन सी तिथि है?

1 अप्रैल 2030 को कृष्ण चतुर्दशी है, जो 02:11, 2 अप्रैल बजे तक रहती है। (वाराणसी)

1 अप्रैल 2030 को नक्षत्र कौन सा है?

पूर्वा भाद्रपदा नक्षत्र 21:16 बजे तक रहता है। (वाराणसी)

1 अप्रैल 2030 को राहु काल कब है?

वाराणसी में राहु काल 07:22 से 08:55 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।

1 अप्रैल 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

वाराणसी में सूर्योदय 05:49 बजे और सूर्यास्त 18:14 बजे है।