मेष संक्रांति
त्योहारसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:24–05:12
दिन 06:00–18:40 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:24–05:12 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:55–12:46 51 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 19:17–20:51 1 घं 34 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 17:05–18:40 1 घं 35 मि
- यमगण्ड
- 12:20–13:55 1 घं 35 मि
- गुलिक काल
- 15:30–17:05 1 घं 35 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 16:59–17:50 51 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 09:54–11:28 1 घं 34 मि 05:12, 15 अप्रैल–06:43, 15 अप्रैल 1 घं 31 मि
चौघड़िया
दिन
- उद्वेग 06:00–07:35
- चल 07:35–09:10
- लाभ 09:10–10:45
- अमृत 10:45–12:20
- काल 12:20–13:55
- शुभ 13:55–15:30
- रोग 15:30–17:05
- उद्वेग 17:05–18:40
रात
- शुभ 18:40–20:05
- अमृत 20:05–21:30
- चल 21:30–22:55
- रोग 22:55–00:20, 15 अप्रैल
- काल 00:20, 15 अप्रैल–01:45, 15 अप्रैल
- लाभ 01:45, 15 अप्रैल–03:10, 15 अप्रैल
- उद्वेग 03:10, 15 अप्रैल–04:35, 15 अप्रैल
- शुभ 04:35, 15 अप्रैल–05:59, 15 अप्रैल
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- चैत्र
- मास (अमांत)
- चैत्र
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
- ऋतु
- वसन्त
- सूर्य राशि
- मीन
- चंद्र राशि
- सिंह
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
14 अप्रैल 2030 को कौन सी तिथि है?
14 अप्रैल 2030 को शुक्ल एकादशी है, जो 20:02 बजे तक रहती है। (भोपाल)
14 अप्रैल 2030 को नक्षत्र कौन सा है?
मघा नक्षत्र 21:38 बजे तक रहता है। (भोपाल)
14 अप्रैल 2030 को राहु काल कब है?
भोपाल में राहु काल 17:05 से 18:40 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
14 अप्रैल 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
भोपाल में सूर्योदय 06:00 बजे और सूर्यास्त 18:40 बजे है।