मेष संक्रांति
त्योहारसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:28–05:16
दिन 06:04–18:50 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:28–05:16 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 12:01–12:52 51 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 19:17–20:51 1 घं 34 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 17:14–18:50 1 घं 36 मि
- यमगण्ड
- 12:27–14:03 1 घं 36 मि
- गुलिक काल
- 15:38–17:14 1 घं 36 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 17:08–17:59 51 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 09:54–11:28 1 घं 34 मि 05:12, 15 अप्रैल–06:43, 15 अप्रैल 1 घं 31 मि
चौघड़िया
दिन
- उद्वेग 06:04–07:40
- चल 07:40–09:15
- लाभ 09:15–10:51
- अमृत 10:51–12:27
- काल 12:27–14:03
- शुभ 14:03–15:38
- रोग 15:38–17:14
- उद्वेग 17:14–18:50
रात
- शुभ 18:50–20:14
- अमृत 20:14–21:38
- चल 21:38–23:02
- रोग 23:02–00:26, 15 अप्रैल
- काल 00:26, 15 अप्रैल–01:50, 15 अप्रैल
- लाभ 01:50, 15 अप्रैल–03:15, 15 अप्रैल
- उद्वेग 03:15, 15 अप्रैल–04:39, 15 अप्रैल
- शुभ 04:39, 15 अप्रैल–06:03, 15 अप्रैल
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- चैत्र
- मास (अमांत)
- चैत्र
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
- ऋतु
- वसन्त
- सूर्य राशि
- मीन
- चंद्र राशि
- सिंह
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
14 अप्रैल 2030 को कौन सी तिथि है?
14 अप्रैल 2030 को शुक्ल एकादशी है, जो 20:02 बजे तक रहती है। (जयपुर)
14 अप्रैल 2030 को नक्षत्र कौन सा है?
मघा नक्षत्र 21:38 बजे तक रहता है। (जयपुर)
14 अप्रैल 2030 को राहु काल कब है?
जयपुर में राहु काल 17:14 से 18:50 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
14 अप्रैल 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
जयपुर में सूर्योदय 06:04 बजे और सूर्यास्त 18:50 बजे है।